आगामी चुनावों के लिए की जा रही भोजन व्यवस्था में वीआईपी एवं नॉन वीआईपी श्रेणीकरण को भेदभावपूर्ण बताते हुए अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने सोमवार को संभागीय आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन मुख्यमंत्री, मुख्य चुनाव आयुक्त और मुख्य सचिव के नाम दिया गया है। राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह चौहान ने बताया कि जिला कलेक्टर, उदयपुर द्वारा ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर जारी निविदा में वीआईपी भोजन और ऑफिसर्स टी जैसे शीर्षकों के तहत पृथक व्यवस्था की गई है। महासंघ के जिलाध्यक्ष हेमंत कुमार पालीवाल ने इसे संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता के अधिकार) का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि वीआईपी शब्द का कोई वैधानिक आधार नहीं है। भोजन-चाय की मात्रा में भी भेदभाव महासंघ के जिला महामंत्री लच्छीराम गुर्जर ने निविदा सूची का हवाला देते हुए बताया कि वीआईपी श्रेणी के लिए पनीर, शाही पुलाव और ड्राईफ्रूट मिठाई जैसे व्यंजन तय हैं, जबकि सामान्य कार्मिकों के लिए सीमित विकल्प हैं। यहां तक कि सामान्य चाय 75 मिली और ऑफिसर टी 125 मिली निर्धारित की गई है। उन्होंने इसे राजकीय धन का अपव्यय व वीआईपी संस्कृति का परिचायक बताया।


