भास्कर न्यूज |चतरा जिले में श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गई। पूजा के दूसरे दिन जिलेभर के स्कूलों, कॉलेजों और पूजा पंडालों में विधि-विधान से हवन-पूजन किया गया। इसके बाद “अगले वर्ष फिर आना मां” की विनती के साथ भावुक माहौल में मां शारदे की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।सुबह से ही शिक्षण संस्थानों में धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो गया। हवन-पूजन के उपरांत मां को खिचड़ी का भोग अर्पित किया गया और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इसके बाद आरती उतारकर मां सरस्वती से विद्या, बुद्धि और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद मांगा गया। दोपहर बाद शहर में विसर्जन जुलूस निकलने लगे। छात्र-छात्राएं पारंपरिक वेशभूषा में नाचते-गाते, जयघोष करते हुए मां शारदे की प्रतिमा लेकर विसर्जन स्थलों की ओर बढ़े। कई जगहों पर श्रद्धालुओं की आंखें नम दिखीं, तो कहीं अबीर-गुलाल से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।स्कूली बच्चों ने सादगी और अनुशासन के साथ भावुक विदाई दी, वहीं सार्वजनिक क्लबों व समितियों द्वारा डीजे की धुन पर उत्साहपूर्वक विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम रहे, जिससे कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।विसर्जन से पूर्व जलाशयों के समीप मां की अंतिम आरती उतारी गई और क्षमा प्रार्थना के साथ प्रतिमा को जल में प्रवाहित किया गया। श्रद्धालुओं ने मां सरस्वती से ज्ञान, विवेक और सफलता का वरदान मांगा। शहर के हेरू डैम, पुरैनिया तालाब, छठ तालाब, कठौतिया तालाब, हरलाल तालाब, राजा तालाब सहित विभिन्न तालाबों और जलाशयों में देर शाम तक प्रतिमाओं का विसर्जन होता रहा। पूरे शहर में भक्ति, श्रद्धा और भावुकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।


