जयपुर/मुंबई | वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि कंपनी अगले 3–4 महीनों में, वर्ष 2026 तक डिमर्जर प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखती है। एनसीएलटी से मंजूरी मिलने के बाद वेदांता को पांच स्वतंत्र कंपनियों में विभाजित किया जाएगा। डिमर्जर के बाद बेस मेटल्स का कारोबार वेदांता लिमिटेड में रहेगा, जबकि एल्युमिनियम, पावर, आयरन एंड स्टील तथा ऑयल एंड गैस अलग-अलग सूचीबद्ध कंपनियाँ होंगी। अग्रवाल ने कहा कि इससे हर व्यवसाय की पूरी क्षमता सामने आएगी और शेयरधारकों को अधिक लाभ मिलेगा।


