सदन में संजना जाटव और ‘जी राम जी’:बिजली चोरी पर MLA की ‘उल्टी सीख’; यह ‘एलियन’ नहीं लुटेरा है

नमस्कार ‘जी राम जी’ पर बहस छिड़ी है। कानून को नया नाम मिल गया है। सांसद महोदया ने कुछ कविताओं के अंश के साथ अपनी बात रखी। बाकी सोशल मीडिया पर एक यूजर ने ‘जी राम जी’ को लेकर अनोखी परेशानी का जिक्र किया। दौसा में विधायक जी ने गांव वालों को विजिलेंस टीम से निपटने के गुर सिखाए। बीकानेर ने खेजड़ी बचाने का आह्वान करने के साथ-साथ पर्यावरण प्रेमी महिला ने ‘सोए हुए’ सरपंचों को जगाया। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. संसद में मनरेगा पर बोलीं सांसद संजना जाटव जो काम ‘महात्मा गांधी’ नहीं कर पा रहे थे, वह अब ‘जी राम जी’ करेंगे। कानून को नया जामा पहनाकर परोसा गया है। नाम दिया है- ‘जी राम जी’ इसी पर सदन में बहस हो रही थी। संसद में भरतपुर से युवा सांसद महोदया भी उठीं। हाथ में कुछ पन्ने। जिनको पढ़कर बयान करना भी खांडे की धार। सदन को सड़न बोल गईं। एकाध कविताओं के अंश भी लपेटे। जिनमें तुकबंदी गायब। खैर, मनरेगा और जी राम जी पर किसी तरह बात पूरी हुई। बातों का लब्बोलुआब यह- ‘ये लोग विदेश जाते हैं तो बापू की मूर्ति पर फूल चढ़ाते हैं और लौटकर बापू की सोच को मिटाते हैं। नेहरू हटाते हैं। गांधी हटाते हैं। नाम बदलते हैं। इनके हाथ ऐसी कौन सी जादू की छड़ी लग गई जो नाम बदलने से योजना भली हो जाएगी। कानून में केंद्र का अनुदान अब 100 से 60 परसेंट रह गया है, जबकि राज्यों का हिस्सा 40 परसेंट रहेगा।’ 40 परसेंट पीछा ही नहीं छोड़ रहा है। जी राम जी में भी आ गया। वैसे सोशल मीडिया पर एक यूजर ने गजब की क्रिएटिविटी दिखाई। उसने कहा- पहले गांव की महिला से कोई पूछता था कि पतिदेव कहां गए, तो कहती थी कि मनरेगा में गए है। अब कोई पूछेगा कि पतिदेव कहां गए, तो कहेगी- ‘जी राम जी’ के गए। कहीं गलत न समझ जाए। 2. विधायकजी ने गांव वालों को दी ‘सीख’ जिस तरह माखन की चोरी को भगवान की लीला कहा गया। उसी तर्ज पर दौसा के लालसोट में भी बिजली की चोरी गांव वालों की लीला है। यह चोरी की श्रेणी में नहीं आता। अगर कोई बिजली विभाग का आदमी इसे चोरी कहेगा तो उसकी खैर नहीं। अगर वह बिजली की चोरी की VCR भरने आए, जुर्माना ठोकने की कोशिश करे। नोटिस चिपकाने की हिमाकत करे। तो क्या किया जाए? सवाल बड़ा था- तो क्या किया जाए? दिसंबर की सुबह की गुनगुनी धूप में सफेद दुशाला ओढ़े, लोकतंत्र से घिरे विधायक जी ने तर्जनी उठाई। उन्होंने तर्जनी उठाकर कहा- तो फिर विजिलेंस टीम की गाड़ी की हवा निकाल दी जाए। विजिलेंस टीम के मेंबरान को पेड़ से बांध दिया जाए। इसके बाद मुझे फोन करके सूचना दी जाए। फिर मैं अवतरित होऊंगा और दुनिया से पापाचार को समाप्त कर दूंगा। विधायक जी की बातों का सचमुच ही असर हुआ और गांव वालों ने टीम के सदस्यों को घेर कर बैठा लिया। अब उन्हें समझाया जा रहा है कि यह चोरी नहीं, लीला है। 3. सरपंचों को पर्यावरण प्रेमी महिला ने दी नसीहत बात खेजड़ी को बचाने की थी। वकील साहिबा और पर्यावरण प्रेमी निरमा विश्नोई मुकाम पहुंची थीं। मुकाम बीकानेर में है। विश्नोइयों का तीर्थ है। बड़े फैसले यहीं लिए जाते हैं। कुछ समय से चर्चा चल रही है कि सौर प्रोजेक्ट लगाने के लिए कंपनियां खेजड़ी की कटाई कर रही हैं। ऐसे में समाज यहां एकजुट हुआ और संकल्प लिया कि खेजड़ी को बचाएंगे। खेजड़ी कटने नहीं देंगे। सभा को निरमा जी ने भी संबोधित किया। खेजड़ी के बहाने उन्होंने सरपंचों को खूब लपेटा। उन्होंने कहा- सरकार तो बाद की बात है, पहले सरपंच तो जागें। सरपंच खेजड़ी को लेकर जागरूक नहीं हैं। इनकी स्कॉर्पियो को कोई खरोंच भी मार दे तो पलटन लेकर थाने पहुंच जाएंगे। लेकिन खेजड़ी कटती है तो ये सोए रहते हैं। बात यहीं खत्म नहीं हुई। उन्होंने सरपंचों को याद दिलाया- आपको सरपंच हमने ही बनाया है। आप तो पैदल आए थे। फिर पांच साल में ये स्कॉर्पियो कहां से आ गई? 4. चलते-चलते.. बुजुर्ग कहते हैं। एक अच्छी आदत के पीछे-पीछे अनेक अच्छी आदतें आती हैं। इसी तरह एक बुरी आदत के पीछे-पीछे अनेक बुरी आदतें आती हैं। यह बात 21 साल के अनुज चौधरी को समझ नहीं आई। वह जुआ खेलने लगा। इस एक बुरी आदत के पीछे सट्‌टा आ गया। दोनों बुरी आदतों के कारण उस पर कर्ज हो गया। कर्ज चुकाने के लिए वह चाहता तो मेहनत के रास्ते पर चल सकता था। लेकिन मेहनत तो अच्छी आदत है। इसलिए उसने लूट का रास्ता चुना। वह जयपुर के झोटवाड़ा इलाके में कार से पहुंचा। कार उसकी नहीं थी। किराए पर ली थी। वहां एक ज्वेलरी शोरूम था। वह शोरूम में घुसा। उसने गोल्ड चेन और चांदी का ब्रेसलेट दिखाने को कहा। ज्वेलर गहने निकालने लगा तो झपट्‌टा मारकर 4 सोने की चेन और चांदी का एक ब्रेसलेट लेकर कमान से छूटे तीर की तरह भाग निकला। हो हंगामा मच गया। कार पर नंबर प्लेट नहीं थी। ऐसे में पुलिस ने 950 सीसीटीवी कैमरे खंगालकर उसका पीछा किया। 1600 किलोमीटर घूमने के बाद पुलिस ने अनुज चौधरी को दबोच लिया। वह थाने में खड़ा था। शरीर पर एक लंगोट जैसा पहनावा। फटी हुई टी-शर्ट। सिर में घुसा हुआ सब्जी के थैले जैसा कपड़ा, जिसमें आंखों के लिए दो छेद किए थे। एलियन लग रहा था। बुराई के रास्ते पर चलकर ऐसी ही हालत नसीब होती है। वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब मंगलवार को मुलाकात होगी…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *