पंजाब राज्य पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (पी.एस.टी.सी.एल.) ने बिजली क्षेत्र में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ते हुए पंजाब की पहली तथा नॉर्थ इंडिया की दूसरी अत्याधुनिक इलेक्ट्रिकल ऑयल टेस्टिंग लैब की शुरुआत की है। यह उपलब्धि न केवल तकनीकी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे राज्य के बिजली ढांचे को अधिक मजबूत, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने में भी बड़ी मदद मिलेगी। यह अत्याधुनिक लैब फिरोजपुर रोड स्थित अगर नगर डिवीजन के 220 के.वी. सब-स्टेशन परिसर में पी.एस.टी.सी.एल. कार्यालय में स्थापित की गई है। जो कि डायरेक्टर टेक्निकल इंजीनियर संजीव सूद और चीफ इंजीनियर पी.एम.एम. एस.पी. सिंह के दिशा-निर्देशों में संचालित की जा रही है। इस इलेक्ट्रिकल ऑयल टेस्टिंग लैब में यू.के., ऑस्ट्रिया, स्विट्जरलैंड, जापान और अमेरिका से मंगवाई गई अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं। रिहायशी इलाकों, फैक्ट्रियों और अस्पतालों में बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित बनेगी, ब्लैक आउट कम होंगे पीएसटीसीएल ने सूबे की पहली हाई-टेक इलेक्ट्रिकल ऑयल टेस्टिंग शुरू की, विदेशी मशीनों से होगी जांच -इंजीनियर जसप्रीत सिंह गरचा पी.एस.टी.सी.एल. द्वारा शुरू की गई अत्याधुनिक इलेक्ट्रिकल ऑयल टेस्टिंग लैब का सीधा लाभ पंजाब की आम जनता को मिलेगा। इस लैब के जरिए ट्रांसफॉर्मरों और बिजली उपकरणों की तकनीकी खराबियों का पता पहले ही लग जाएगा, जिससे अचानक बिजली कट, ट्रांसफॉर्मर फेल होने और बड़े ब्लैकआउट की घटनाओं में भारी कमी आएगी। इलेक्ट्रिकल ऑयल टेस्टिंग लैब में विश्व के विभिन्न देशों से मंगवाई गई अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई हैं। यहां ब्रेकडाउन वोल्टेज टेस्ट मशीन लगाई गई है, जो यू.के. से मंगवाई गई है। यह मशीन यह जांच करती है कि ट्रांसफॉर्मर ऑयल कितने वोल्टेज तक सुरक्षित है। अगर तेल 70 के.वी. तक ब्रेकडाउन नहीं होता, तो उसे सुरक्षित माना जाता है। अब तक ट्रांसफॉर्मर ऑयल की जांच के लिए नमूने बाहर भेजने पड़ते थे, जिससे रिपोर्ट आने में देरी होती थी। नई लैब से अब जांच तेजी से होगी और समय रहते जरूरी मरम्मत संभव हो सकेगी। इस हाई-टेक लैब से आग लगने, ट्रांसफॉर्मर ब्लास्ट और औद्योगिक हादसों की आशंका भी काफी हद तक कम होगी। फ्लैश प्वाइंट, टैन डेल्टा और टोगा जैसे आधुनिक टेस्ट यह सुनिश्चित करेंगे कि ट्रांसफॉर्मर सुरक्षित स्थिति में हैं या नहीं। इससे रिहायशी इलाकों, फैक्ट्रियों और अस्पतालों में बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित बनेगी। यहां ब्रेकडाउन वोल्टेज टेस्ट, वॉटर कंटेंट टेस्ट, टैन डेल्टा टेस्ट, फ्लैश प्वाइंट टेस्ट, फ्यूरान टेस्ट और टोगा (टोटल ऑयल गैस एनालिसिस) जैसे महत्वपूर्ण परीक्षण किए जाएंगे। इन परीक्षणों से ट्रांसफॉर्मर ऑयल की गुणवत्ता, इंसुलेशन की स्थिति, आग लगने की संभावना और अंदरूनी तकनीकी खराबियों का समय रहते पता लगाया जा सकेगा, जिससे बड़े हादसों और आर्थिक नुकसान से बचाव संभव होगा।


