अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में 4 फरवरी को वसंत पेश किया जाएगा। शाही कव्वाल असरार हुसैन की पार्टी के कव्वाल सूफियाना कलाम पेश करेंगे। जुलूस सुबह करीब 10 बजे दरगाह के निजाम गेट से रवाना होगा। इसमें दरगाह दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन अली के बेटे सैयद नसरुद्दीन चिश्ती और खुद्दाम-ए-ख्वाजा साथ रहेंगे। शाही कव्वाल और उनके साथी हाथों में फूलों का गुलदस्ता लिए साथ चलेंगे। शाही कव्वाल आज वसंत मना ले सुहागिन… ख्वाजा मोइनुद्दीन के दर आती है बसंत… और अन्य कलाम पेश करेंगे। जुलूस बुलंद दरवाजा, शाहजहांनी गेट होते हुए अहाता-ए- नूर पहुंचेगा। यहां से शाही कव्वाल आस्ताना शरीफ पहुंचेंगे और गरीब नवाज की मजार शरीफ पर फूलों का गुलदस्ता पेश करेंगे। ऐसे शुरू हुई परंपरा बताया जाता है कि हजरत निजामुद्दीन औलिया अपने भांजे तकीउद्दीन नूह का इंतकाल होने के बाद उदास रहने लगे थे। उनके चेहरे पर खुशी लाने के लिए एक दिन हजरत अमीर खुसरो ने अपने लफ्जों से सजी वसंत पेश की। तबसे सूफी संतों की दरगाह में बसंत पेश किए जाने का सिलसिला शुरू हो गया। ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में वसंत की परंपरा कई वर्षों से जारी है।


