अरावली को बचाने के लिए अजमेर में प्रोटेस्ट जारी है। मंगलवार को 12 से ज्यादा स्कूलों और कॉलेज के स्टूडेंट्स के साथ विभिन्न संगठनों की ओर से अरावली बचाओ अभियान के तहत रैली निकाली गई। आजाद पार्क से शुरू हुई रैली विभिन्न मार्गो से होते हुए कलेक्ट्रेट पर पहुंची। यहां कलेक्ट्रेट का घेराव कर हाथों में तख्तियां लेकर स्टूडेंट्स ने अरावली बचाओ के नारे लगाएं। प्रोटेस्ट के बाद एक संयुक्त रूप से ज्ञापन जिला कलेक्टर के जरिए राष्ट्रपति के नाम दिया गया। ज्ञापन के जरिए अरावली पर्वतमाला के संरक्षण और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की गई अनुचित परिभाषा को निरस्त करने की मांग की गई। सबसे पहले देखें प्रोटेस्ट की PHOTOS…. प्रोटेस्ट में पहुंचे स्टूडेंट और जनप्रतिनिधि ने क्या कहा पढ़े…. राष्ट्रपति के नाम यह ज्ञापन दिया जिला कलेक्टर लोकबंधु को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 20 नवंबर 2025 को दिए गए इस निर्णय की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। जिसमें अरावली को परिभाषित करते हुए उसकी ऊंचाई को 100 मीटर से ऊपर तथा 500 मी विस्तार के दायरे में बांधने की बात कही गई है। वर्तमान में इस निर्णय पर फिलहाल रोक लगा दी गई है, लेकिन अरावली को सीमित करने का यह प्रयास अत्यंत चिंताजनक है। यदि इस परिभाषा को स्वीकार कर लिया जाता है, तो 90% अरावली क्षेत्र में खनन को प्रशासनिक स्वीकृति मिल जाएगी। अरावली की कुल 1281 पहाड़ियों में से मात्र 1048 ही इस परिभाषा के अनुसार पहाड़ी मानी जा सकती है। अरावली पर्वतमाला लाखों वर्षों से इस धरती पर विद्यमान है।


