अजमेर में 5 साल बाद गुलाबबाड़ी आरओबी, आरयूबी निर्माण के लिए शनिवार सुबह 8 बजे गुलाबबाड़ी फाटक (एलसी-44) बंद होगा। निर्माण एजेंसी आरएसआरडीसी की मांग पर रेलवे फाटक को बंद करेगा। फाटक शुक्रवार को ही बंद किया जाना था लेकिन वैकल्पिक मार्ग के रूप में चिह्नित एकता नगर का रास्ता बेहद खराब है। गड्ढों की भरमार और सीवर लाइन डालने के कारण सड़क चलने योग्य नहीं है। घरों के रैंप 5-10 फीट तक सड़क पर बने हुए हैं, जिससे यह रास्ता इतना संकरा है कि दो वाहन एक साथ नहीं गुजर सकते। नालियों पर भी कब्जे कर चबूतरे बना लिए गए हैं। बेडौल रैंप बने होने से सड़क ऊंची-नीची है। इस सड़क पर यातायात संचालन से पहले मरम्मत जरूरी है। क्षेत्रवासी इसको लेकर प्रदर्शन कर विरोध भी जता चुके हैं। जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर निगम ने सड़क किनारे झाड़ियों की सफाई करवाई है। गुरुवार रात को इस सड़क की मरम्मत कराई गई। आज आरएसआरडीसी मौके पर आरएसआरडीसी द्वारा यातायात संकेतक लगाने सहित अपने बचे हुए कार्य करेगी। यातायात पुलिस तैयार कर रही ट्रैफिक डायवर्जन प्लान गुलाबबाड़ी फाटक बंद किए बिना आरओबी और आरयूबी का निर्माण शुरू नहीं हो सकता। फाटक को स्थायी रूप से बंद करने के लिए जिला प्रशासन आरएसआरडीसी की मांग पर अक्टूबर में ही एनओसी जारी कर चुका है। वहीं गुरुवार को ट्रैफिक पुलिस यातायात डायवर्जन के लिए प्लान तैयार करने में जुटी रही। वैकल्पिक रास्तों की तलाशे गए। ट्रैफिक दो रास्तों से गुजारा जाएगा। एक तरफ से आना और दूसरी ओर से जाने की व्यवस्था रहेगी। यानी दोनों रास्तों पर ट्रैफिक वन-वे रहेगा जिससे जाम की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। इससे पहले सड़क मरम्मत का इंतजार किया जा रहा था। अप्रैल 2026 में पूरा होगा निर्माण, एक साथ बनेंगे आरओबी और अंडरपास आरएसआरडीसी 12 दिसंबर से आरयूबी (अंडरपास) निर्माण का काम शुरू करेगा। आरयूबी के लिए रेल लाइन के नीचे खुदाई कर 50 कल्वर्ट बॉक्स डाले जाएंगे। क्रेन के जरिए इन ब्लॉक को रेल लाइन के नीचे डाला जाएगा। इसके साथ ही आरओबी का निर्माण भी शुरू होगा। ब्रिज के लिए 3 पीयर्स बनाए जाएंगे जिसमें दो अजमेर शहर की ओर जबकि एक का निर्माण मदार की ओर होगा। निर्माण कार्य अप्रैल 2026 में पूरा होगा। आरओबी 2018-19 में स्वीकृत हुआ था। इसका निर्माण पर 40 करोड़ रुपए खर्च होने थे। निर्माण 2020 में ही पूरा होना था लेकिन 2025 में भी अधूरा है। ब्रिज का 50 प्रतिशत काम बाकी है। आरयूबी व शेष आरओबी के निर्माण पर 32 करोड़ का री-टेंडर किया है।


