अजमेर में वकीलों ने PWD अधिकारी को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा:स्पीड ब्रेकर की मांग को लेकर भड़के, जयपुर रोड को जाम किया

अजमेर में जयपुर रोड पर जिला न्यायालय के बाहर स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग को लेकर वकीलों ने सड़क को दोनों तरफ से जाम कर दिया। सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस का पुलिस बल और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। मामले को सुलझाने के लिए पीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी को बातचीत के लिए बुलाया गया। बातचीत के दौरान कई एडवोकेट आक्रोशित हो गए। इस दौरान, अधिवक्ताओं ने पुलिस की मौजूदगी में पीडब्ल्यूडी के अधिकारी को सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। पुलिस ने पीडब्ल्यूडी अधिकारी को अधिवक्ताओं के बीच से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। कोर्ट के बाहर अधिवक्ताओं की ओर से रास्ता जाम कर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। पीडब्ल्यूडी अधिकारी से मारपीट की सूचना मिलने के बाद एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जांगिड़ और प्रशिक्षु आईपीएस अजय सिंह मौके पर पहुंच गए। जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से चर्चा की गई। अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब ढाई घंटे बाद कोर्ट के बाहर जाम खोल दिया गया। अब देखिए, वकीलों के प्रदर्शन से जुड़ी PHOTOS… नए कोर्ट भवन पर स्पीड ब्रेकर की मांग
अजमेर जिला बार एसोसिएशन के सचिव रूपेंद्र परिहार ने बताया कि जिला न्यायालय का एक नया भवन बनकर तैयार हो गया है और कोर्ट में नियमित रूप से कार्य भी शुरू हो चुका है। हालांकि, अधिवक्ताओं के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें पुराने भवन से नए भवन की ओर रोजाना जाना पड़ता है। परिहार ने बताया कि हजारों की संख्या में पीड़ित भी कोर्ट पहुंचते हैं और नए भवन तक जाने के लिए उन्हें रोड क्रॉस करना पड़ता है। हाईवे होने के कारण कई वकीलों और पक्षकारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पूर्व में भी कई वकील और पक्षकार रोड क्रॉस करते वक्त घायल हो गए और कई टक्कर भी हो चुकी हैं। आज भी एक वकील के ऊपर गाड़ी चढ़ गई। इसके विरोध में अजमेर जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने नए कोर्ट भवन के बाहर दोनों तरफ से रास्ते को जाम कर विरोध किया गया। 2 घंटे में स्पीड ब्रेकर बनाकर देने का आश्वासन
सचिव रूपेंद्र परिहार ने बताया करीब 2 घंटे में स्पीड ब्रेकर बनाकर देने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद रास्ते को खोल दिया गया। अधिकारी से मारपीट के सवाल पर सचिव ने कहा- किसी भी वकील के द्वारा अधिकारी पर हाथ नहीं उठाया गया है। अधिकारी द्वारा अभद्र भाषा का उपयोग बार अध्यक्ष के साथ किया गया था। तभी पुलिस के अधिकारी उसे ले जाने लगे तो ऐसा लगा कि उसके साथ मारपीट की गई। लेकिन उसके साथ कोई मारपीट नहीं की गई है।

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