भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा शहर से लगे बालूद रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में शुक्रवार को चार जंगली सूअर और एक हिरण के शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही वन अमले ने क्षेत्र में सर्च अभियान शुरू कर दिया है। शव जंगल में ही पड़े मिले, जिससे शिकार की आशंका से फिलहाल इंकार किया जा रहा है। हालांकि जंगलों में लगातार हो रही जानवरों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वन विभाग के अनुसार प्रारंभिक तौर पर जानवरों की मौत का कारण अज्ञात बीमारी माना जा रहा है। विभाग द्वारा स्वाइन फीवर की आशंका जताई गई है। सभी मृत जानवरों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। इससे पहले कटेकल्याण क्षेत्र के जंगलों में भी इसी तरह के मामले सामने आ चुके हैं। चिंताजनक पहलू यह है कि दंतेवाड़ा जिले के जंगलों में कितने तेंदुआ, हिरण, जंगली सूअर और अन्य वन्यजीव मौजूद हैं, इसका कोई अद्यतन रिकॉर्ड वन विभाग के पास नहीं है। बैलाडीला, सातधार और बारसूर जैसे घने वन क्षेत्रों में वन्यजीवों की मौजूदगी की जानकारी तो मिलती रहती है, लेकिन ठोस आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। प्रत्यक्षदर्शी महेश ठाकुर ने बताया कि जंगल भ्रमण के दौरान दुर्गंध आने पर उन्होंने एक हिरण को मृत अवस्था में देखा। आगे बढ़ने पर एक ही स्थान पर तीन जंगली सूअर और कुछ दूरी पर एक अन्य सूअर मृत मिला। इसके बाद तत्काल वन अधिकारियों को सूचना दी गई। बैलाडीला क्षेत्र में खतरा अधिक मैदानी अमला अलर्ट बालूद क्षेत्र में शव मिलने के बाद पूरे वन अमले को अलर्ट कर दिया गया है। सभी बीटों में सर्च अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। सबसे अधिक खतरा बैलाडीला क्षेत्र में माना जा रहा है, जहां घने जंगल और वन्यजीवों की संख्या अधिक है।


