अतिक्रमण तोड़ने के लिए रीको ने शुरू किया सर्वे:खारा औद्योगिक क्षेत्र में अब तक चार फैक्ट्रियों को नोटिस

खारा औद्याेगिक क्षेत्र में पीओपी फैक्ट्रियाें के धुएं से प्रदूषण का मामला अभी खत्म ही नहीं हुआ है कि रीकाे ने भी अतिक्रमण काे लेकर सर्वे शुरू कर दिया है। रीजनल मैनेजर के सुपरविजन में कमेटी बनाई गई है। अब तक चार फैक्ट्रियाें काे नाेटिस जारी हाे चुके हैं।दरअसल खारा औद्याेगिक क्षेत्र में अधिकांश फैक्ट्रियाें के चार दीवारी नहीं है। इनमें पीओपी की लगभग 125 फैक्ट्रियां शामिल हैं। जिप्सम और तूड़ी सड़काें पर ही बिखरी रहती है। चिमनियां भी रीकाे की जमीन पर बनी हुई हैं। पार्क की जमीन पर अतिक्रमण हाे रखे हैं। वहां फैक्ट्री मालिकाें ने तूड़ी डाल रखी है। पिछले दिनाें पीओपी की चार फैक्ट्रियाें काे अतिक्रमण हटाने के लिए नाेटिस जारी किए गए थे। उन्हाेंने चिमनियां और दीवार रीकाे की जमीन पर बना कर दरवाजे तक निकाल लिए। डीजीएम एसके गर्ग ने बताया कि पूरे खारा एरिया का सर्वे करने के निर्देश जेईएन काे दिए गए हैं। आरएम के सुपरविजन में सर्वे हाेगा। अतिक्रमण चिन्हित कर फैक्ट्री मालिकाें काे नाेटिस जारी किए जाएंगे। खारा में सड़काें पर पैचवर्क शुरू
खारा में सड़काें पर पैच वर्क का काम शुरू हाे गया है। रीकाे डीजीएम ने बताया कि जेसीबी लगाकर झाड़ियां भी काटी जा रही हैं। दाे-तीन दिन में नगर निगम का ठेकेदार सफाई कार्य शुरू कर देगा। उससे पहले निगम आयुक्त खारा का दाैरा करेंगे। इसके अलावा राेड लाइट का काम भी चल रहा है। डीजीएम ने बताया कि खारा के उद्यमियाें पर करीब चार कराेड़ रुपए सर्विस चार्ज के बकाया पड़े हैं। सर्विस चार्ज जमा कराने के लिए उद्यमियाें काे कहा जा रहा है। ताकि क्षेत्र में नियमित रूप से सफाई आदि व्यवस्थाएं की जा सकें। उधर नहर में 15 दिन से पड़े हैं मृत पशु
खारा गांव से निकलने वाली नहर में पिछले 15 दिन से मृत पशु पड़े सड़ांध मार रहे हैं। ग्रामीण गजे सिंह ने बताया कि नहर विभाग के अधिकारियाें से कई बार कर चुके, लेकिन उन पशुओं काे निकाला नहीं जा रहा है। अधिकारी एक दूसरे पर टालमटाेल की नीति अपनाए हुए हैं। मृत पशुओं की सड़ान के कारण ग्रामीणाें का बुरा हाल है। नहर का पानी गांव में भी उपयाेग में लिया जाता है।

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