अधिकारी बोले- जल्द दोबारा वैध पर्ची सिस्टम लागू होगा

भास्कर न्यूज|लुधियाना वेस्ट विधानसभा क्षेत्र के बीआरएस नगर में हर मंगलवार और शुक्रवार को लगने वाली सब्जी मंडी में अवैध वसूली का खुलासा हुआ है। दैनिक भास्कर की टीम ने खुद टमाटर का ठेला लगाकर पड़ताल की, तो पता चला कि हर रेहड़ी-फड़ी वाले से पार्षद के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। सब्जी मंडी के प्रधान लक्ष्मीकांत पंडित से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि ठेले पर छतरी के 30, बेंच के 30, लाइट के 30, पानी के 20 और पार्किंग के 20 रुपए देने पड़ते हैं। इसके अलावा पार्षद के लोग 300 रुपए अलग से लेते हैं। भास्कर टीम की पड़ताल में यह सामने आया कि 125 रेहड़ी-फड़ी वालों से मात्र आधे घंटे में 2 लोगों ने नकद वसूली कर ली। यह मंडी सप्ताह में 2 दिन और महीने में 8 दिन लगती है। एक दिन में 1 फड़ी वाले से 300 रुपए लिए जाते हैं। सप्ताह में 600 और महीने में 2400 रुपए एक रेहड़ी फड़ी वाले से वसूले जा रहे हैं। यह अवैध वसूली कुल 3 लाख रुपए प्रति माह की जा रही है। इसका सीधा असर आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। रेहड़ी वाले सब्जियों के रेट बढ़ाकर देते हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने शाम 5 बजे बीआरएस नगर की सब्जी मंडी में टमाटर की फड़ी लगाई। शाम 7 बजे के करीब 2 लोग हाथ में डायरी लेकर हर फड़ी से 300 रुपए वसूलने लगे। जब वे भास्कर टीम की फड़ी पर पहुंचे, तो बोले जल्दी दो 300 रुपए। टीम ने उनसे सवाल किए, तो उन्होंने जल्दबाजी दिखाते हुए पैसे मांगे और आगे बढ़ गए। पार्षद जब अवैध वसूली के बारे में पार्षद सतनाम सिंह से बात हुई तो उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। अगर ऐसा हो रहा है तो इसकी जांच करवाएंगे और जो बनती कार्रवाई होगी वो की जाएगी। जब नगर निगम के तहबाजारी सुपरिंटेंडेंट अश्वनी कुमार से इस बारे में सवाल किया कि आखिर प्राइवेट लोग किस अधिकार से पैसे वसूल रहे हैं, तो उन्होंने बताया कि पहले 1,000 रुपए की मासिक पर्ची काटी जाती थी, लेकिन वह अब बंद हो गई है। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही नगर निगम कमिश्नर से बात कर इस पर कार्रवाई करेंगे और मंडी में दोबारा से वैध पर्ची सिस्टम लागू किया जाएगा। स्थानीय लोगों ने भास्कर को बताया कि अगर नगर निगम दोबारा से वैध पर्ची सिस्टम लागू करता है, तो अवैध वसूली रुक सकती है। लेकिन, इसके लिए ठोस कार्रवाई जरूरी है। विक्रेताओं ने उम्मीद जताई कि भास्कर की इस पड़ताल के बाद नगर निगम इस पर सख्त कदम उठाएगा और जल्द महंगी सब्जियों से राहत मिल जाएगी। स्थानीय रेहड़ी-फड़ी वालों ने भास्कर को बताया कि स्वर्गीय विधायक गुरप्रीत गोगी के समय मंडी को फ्री कर दिया गया था। लेकिन, कुछ लोगों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए वसूली शुरू कर दी। विक्रेताओं ने पंडित, सूबा और एक अन्य व्यक्ति का नाम लेते हुए कहा कि पहले भी ये लोग वसूली करते थे। उन पर पुलिस केस भी दर्ज हुआ था। इसके बाद नगर निगम ने 1,000 रुपए मासिक पर्ची की वैध व्यवस्था शुरू की, लेकिन अब वह भी बंद हो गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर निगम चुनावों के बाद फिर से अवैध वसूली शुरू हो गई है। बिना किसी वैध अनुमति के ही लोगों से पैसे वसूले जा रहे हैं। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि 125 रेहड़ी-फड़ी वालों से आधे घंटे के भीतर ही वसूली कर ली गई।

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