अधिक पानी से फसल को हो सकता है नुकसान

भास्कर न्यूज | गिरिडीह अनुमंडल कृषि प्रक्षेत्र पचंबा सभागार में बुधवार को जिला स्तरीय खरीफ कार्यशाला हुई। इसमें कृषि, पशुपालन और सहकारिता विभाग के पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, तकनीकी प्रबंधक और जिले के 50 से अधिक प्रगतिशील किसान शामिल हुए। अध्यक्षता जिला कृषि पदाधिकारी आशुतोष कुमार तिवारी ने की। मंच संचालन सदर प्रखंड तकनीकी पदाधिकारी रमेश कुमार ने किया। डीएओ आशुतोष कुमार ने कहा कि खरीफ फसल 2025 के लिए वितरित बीजों की खेत में स्थिति को देखना जरूरी है। खेतों में पानी जमा हो तो तुरंत निकासी करें। अधिक पानी से फसल को नुकसान हो सकता है। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य कार्ड, सूक्ष्म सिंचाई और किसान क्रेडिट कार्ड योजना का प्रचार-प्रसार तेज करने को कहा। किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जागरूक करने की बात कही। सरकार ने वर्ष 2025 में 17,905 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड देने का लक्ष्य तय किया है। कार्यशाला में जिला मत्स्य पदाधिकारी, उद्यान पदाधिकारी, पौधा संरक्षण, भूमि संरक्षण और सहायक मिट्टी रसायन पदाधिकारी ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। पशुपालन विभाग ने बताया कि जिले में 2, 5 और 10 गाय की योजना अनुदान पर दी जा रही है। लाभ के लिए प्रखंड कार्यालय से संपर्क करें। जोड़ा बैल योजना बीपीएल परिवारों के लिए है। बकरी पालन के लिए चार बकरी और एक बकरा, सुअर पालन के लिए चार सुकरी और एक सुकर, कुक्कुटपालन, बत्तख पालन और अंडा उत्पादन के लिए लेयर फार्मिंग योजना के तहत 400 मुर्गी वितरण की जा रही है। सरकार ने शुरू की प्राकृतिक खेती योजना : वरुण जिला उद्यान पदाधिकारी वरुण कुमार ने कहा कि उद्यान विकास योजना और राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत किसान उद्यान मित्र से संपर्क कर आवेदन दें। इस साल सरकार ने प्राकृतिक खेती योजना शुरू की है। जिले के 6 संकुल में 125 किसानों का चयन किया गया है। इनमें सब्जी, फूल, फल और फसल की खेती होगी।

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