जिला अधिवक्ता संघ के आगामी चुनाव 2025 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुक्रवार को समाप्त हो गई। अध्यक्ष पद के लिए इस बार कुल चार दावेदारों ने अपनी दावेदारी पेश की है, जबकि सचिव पद के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। इसके अलावा उपाध्यक्ष, सहसचिव, कोषाध्यक्ष, ग्रंथालय सचिव और सांस्कृतिक व क्रीड़ा सचिव पदों के लिए भी प्रत्याशियों के नाम सामने आए हैं। 22 दिसंबर तक प्रत्याशी नाम वापस ले सकते हैं। इसमें शनिवार और रविवार दो दिन छुट्टी रहेगी। ऐसे में नाम वापसी सोमवार को ही हो सकेगी। अध्यक्ष पद के लिए वर्तमान अध्यक्ष नरेश शर्मा का मुकाबला इस बार राजेश कुमार पांडेय, रामगोपाल चौरसिया और बृज मोहन सिंह दीक्षित से होगा। चारों ही उम्मीदवार अनुभवी व मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं, जिससे अध्यक्ष पद की दौड़ रोचक और प्रतिस्पर्धात्मक बन गई है। सचिव पद के लिए सूरजपुरी गोस्वामी, लक्ष्मी प्रसाद लहरे और रामनारायण राहीर के बीच मुकाबला होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार चुनाव में कुछ पदों पर निर्णायक मुकाबला होने की संभावना है। अध्यक्ष पद पर चार दावेदार होने से मुकाबला विशेष रूप से दिलचस्प बन गया है। वहीं सचिव और अन्य सहायक पदों पर भी उम्मीदवारों की संख्या प्रतियोगिता को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना रही है। संघ के अन्य पदों में से ज्यादातर में दोतरफा मुकाबला ही नजर आ रहा है। नाम वापसी से निर्विरोध प्रत्याशी का भी चयन हो सकता है। फिलहाल जो स्थिति बन रही है। उसके अनुसार उपाध्यक्ष पुरुष पद के लिए सनत कुमार पटेल और दिनेश कुमार राठौर, वहीं उपाध्यक्ष महिला पद के लिए सुमन वर्णकार और विद्या राठौर मैदान में हैं। सहसचिव पद पर शिवनारायण व रामेश्वर प्रसाद श्रीवास, कोषाध्यक्ष पद पर रामकुमार साहू व दीपक कुमार राहौर, ग्रंथालय सचिव पद के लिए कमल कुमार सांडे व तिलक राम और सांस्कृतिक व क्रीड़ा सचिव पद के लिए अनिल कुमार राठौर व आनंद कुमार राठौर के नामांकन हुए हैं। कार्यकारिणी सदस्य (पुरुष) पद के लिए कुल नौ नामांकन हुए हैं, जिनमें कृष्ण कुमार सिंह, शत्रुहन दास मानिकपुरी, योगेश सिंह, असरफ खान, लक्षेश्वर प्रसाद सारथी, गणेश प्रसाद शर्मा, कुंवर राम, शिवनारायण कर्ष और किरण कुमार शामिल हैं। कार्यकारिणी सदस्य (महिला) पद के लिए मंजू व सीमा कहरा ने अपनी दावेदारी पेश की है। महिला और पुरुष दोनों की सक्रिय भागीदारी चुनाव में उम्मीदवारों की सक्रिय भागीदारी व रणनीतिक बातचीत इस चुनाव को परंपरागत मुकाबलों से अलग बना रही है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं का मानना है कि इस चुनाव में उम्मीदवारों की लोकप्रियता, पेशेवर अनुभव और संगठनात्मक योगदान निर्णायक भूमिका निभाएंगे। इस बार के चुनाव में महिला-पुरुष दोनों पदों पर भागीदारी देखने को मिल रही है। उपाध्यक्ष महिला, कार्यकारिणी सदस्य महिला व सहायक सचिव पदों पर महिलाओं की संख्या चुनाव में संतुलन बनाती नजर आ रही है। जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू अंतिम प्रकाशन 23 को नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब प्रत्याशियों के बीच जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है। 22 दिसंबर तक प्रत्याशी अपने संभावित सहयोगियों और विरोधियों के साथ बैठकों व चर्चाओं के जरिए अपनी स्थिति मजबूत करने में लगे हुए हैं। इस बार अध्यक्ष पद पर चार बार के अध्यक्ष नरेश शर्मा की चुनौती मजबूत मानी जा रही है, वहीं अन्य तीन दावेदार भी अपनी रणनीति को लेकर सक्रिय हैं। जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव अधिकारी ने बताया कि 22 दिसंबर को नाम वापसी की अंतिम तिथि है। 23 दिसंबर को अंतिम प्रकाशन होगा।


