अध्यक्ष लोढ़ा-कॉन्ट्रेक्ट में लिखा सीईटीपी टर्मिनेट कर सकती है

10 बार नोटिस दे चुके हैं। एक बार भी प्लांट पूरी क्षमता पर नहीं चला भास्कर संवाददाता | पाली सीईटीपी फाउंडेशन ने ट्रीटमेंट प्लांट-6 (जेडएलडी) चलाने वाली स्वराष्ट्र कंपनी का अनुबंध टर्मिनेट कर दिया है। यह टर्मिनेशन फाउंडेशन द्वारा अक्टूबर 2020 में प्लांट चलाने की अनुबंध शर्तों के आधार पर किया है। फाउंडेशन अध्यक्ष अशोक लोढ़ा ने बताया कि प्लांट पूरी क्षमता पर चलाने के लिए 10 बार नोटिस दे चुके हैं। एक बार भी प्लांट पूरी क्षमता पर नहीं चला है। अनुबंध में साफ लिखा है कार्य असंतोषजनक मिलने पर बिना कारण बताए फाउंडेशन अनुबंध समाप्त कर सकेगा। कंपनी कोई आपत्ति नहीं कर शांति पूर्ण कब्जा सौंपेगा। स्वराष्ट्र कंपनी के प्रबंधक मुरूगेश थंगराज ने बताया कि ईटीपी से जब पानी की क्वालिटी सही आएगी। तब पानी का एफ्लुएंट मानक पर ला सकते हैं। प्लांट-3 से पानी सही नहीं आ रहा तो मानक पर कैसे लाएं, कई बाद सीईटीपी को बोल चुके हैं। एक दिन में सामान हटाने के लिए बोला दिया, इतनी जल्दी कंपनी को टर्मिनेट नहीं कर सकते। ये जबरदस्ती प्लांट में घुसे हैं। प्लांट में 12 करोड़ रुपए सामान पड़ा है। उसे ऐसे छोड़कर थोडी जा सकते हैं। सदर थाने में परिवाद और एसपी को मेल किया है। घटनाक्रम में अध्यक्ष अशोक लोढ़ा के साथ सचिव एसपी चौपड़ा, प्रवीण कोठारी, कमलेश सत्कार, राजेंद्र भंडारी के साथ पुनायता एसोसिएशन से केवल सलीम सागर व प्रकाश पंवार मौके पर मौजूद रहे। स्वराष्ट्र कंपनी को टर्मिनेट करने के बाद सीईटीपी फाउंडेशन डायरेक्टर्स ने प्लांट पर लिखे कंपनी के नाम व सिक्युरिटी गार्ड हटा दिए। जहां कंपनी का नाम था उसके ऊपर सीईटीपी फाउंडेशन का बैनर लगा दिया। मौके पर स्वराष्ट्र कंपनी द्वारा स्थानीय कर्मचारियों को सेम सैलरी पर दूसरी जगह ट्रांसफर करने के कारण हड़ताल पर बैठे मजदूरों को सीईटीपी में वापस ले लिया। इससे प्लांट में वापस रौनक लौट आई। प्लांट को अधिगृहीत करने फाउंडेशन ने पुलिस जाप्ते का सहयोग लिया। ट्रीटमेंट प्लांट-6 चलाने वाली कंपनी स्वराष्ट को जेडएलडी प्लांट 12 एमएलडी पूरी क्षमता के आधार पर चलाना था। 2023 तक प्लांट का परफॉर्मेस गारंटी टेस्ट करवाना था। ट्रीट पानी की गुणवत्ता से 5 प्रतिशत तक की बीओडी में वृद्धि स्वीकार करने की शर्त थी। स्वराष्ट्र कंपनी द्वारा पहली बार फेल परफॉर्मेस गारंटी टेस्ट के बाद दुबारा टेस्ट नहीं करवाया और ना प्लांट को कभी 6 एमएलडी से अधिक क्षमता पर संचालित किया। दूसरी तरफ स्वराष्ट्र कंपनी का सीईटीपी में बकाया 14 करोड़ के चलते प्लांट को मेंटेनेंस के नाम पर बंद करने से अनुबंध की शर्तों की अवहेलना हुई। फाउंडेशन ने कोर्ट की शरण ली, इसमें कोर्ट ने बेरोजगार 45 हजार श्रमिकों का हित देखते हुए प्लांट 12 दिसंबर तक शुरू करने का आदेश दिया। स्वराष्ट्र कंपनी द्वारा प्लांट शुरू नहीं किया। रविवार को फाउंडेशन ने अनुबंध आधार पर स्वराष्ट्र कंपनी को टर्मिनेट कर प्लांंट अपने हाथों में ले लिया। शहर में एक महीने से बंद 580 फैक्ट्रियों के संचालन को लेकर हुई बैठकों के बाद कोई नतीजा नहीं निकला तो सीईटीपी फाउंडेशन को आखिर कोर्ट की शरण लेना पड़ी। कोर्ट ने कंपनी को 12 दिसंबर तक प्लांट को पूरी क्षमता पर चलाने का आदेश दिया। कंपनी ने प्लांट संचालन नहीं किया। कोर्ट के आदेश की अवहेलना पर सीईटीपी फाउंडेशन द्वारा ू स्वराष्ट्र कंपनी के 2020 में हुए अनुबंध के आधार पर टर्मिनेट कर दिया। सीईटीपी फाउंडेशन अध्यक्ष लोढ़ा ने बताया कि प्लांट का अब फाउंडेशन संचालन करेगा। अवैध तरीके से प्लांट में घुसा फाउंडेशन ^फाउंडेशन अवैध तरीके से प्लांट में घुसा। कंपनी का सीईटीपी में 14 करोड़ रुपए बकाया है। एक पेज या मेल में कोई भी कंपनी को टर्मिनेट नहीं कर सकता। ट्रीटमेंट प्लांट में कंपनी का 10 से 12 करोड़ रुपए का सामान पड़ा है। आगे की कार्रवाई के लिए कोर्ट की शरण लेंगे। – मुरुगेश थंगराज, प्रबंधक, स्वराष्ट्र कंपनी पहले 4 दिन बैक्टीरिया करेंगे डवलप, फfर लेंगे फैक्ट्रियों का पानी फैक्ट्रियों का प्रदूषित पानी साफ करने के लिए फाउंडेशन द्वारा बॉयलॉजिकल ट्रीटमेंट पद्धति का उपयोग किया जाता है। मुख्यतया बैक्टीरिया का उपयोग होता है। जो प्रदूषित पानी को साफ करते हैं। एक महीने से बंद प्लांट के कारण बैक्टीरिया खत्म हो गए हैं। जिन्हें डवलप करने में सीईटीपी फाउंडेशन को 4 दिन का समय लगेगा। पांचवें दिन से फाउंडेशन द्वारा फैक्ट्रियों का पानी लेना शुरू किया जाएगा।

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