16 जनवरी को शहडोल में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होने जा रही है। इस कॉन्क्लेव के पहले शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह ने कहा है कि निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ होने वाले एमओयू में स्थानीय श्रमिकों, युवाओं को रोजगार देने का प्रतिशत तय होना चाहिए। भोपाल में भास्कर से चर्चा में शहडोल सांसद ने कहा- जो अनस्किल्ड युवा हैं। उन्हें स्किल ट्रेनिंग देकर कंपनियों और उद्योगों में रोजगार दिया जाना चाहिए। ‘शहडोल में कोयला, जमीन और मैनपावर पर्याप्त’ हिमाद्री सिंह ने कहा कि पहली बार इन्वेस्टर्स मीट शहडोल में होने जा रही है। हमारा लोकसभा क्षेत्र आदिवासी बहुल है। इस नाते से मैं यह समझती हूं कि 16 जनवरी की हमारे क्षेत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन होगा। इस इन्वेस्टर्स मीट के माध्यम से जो उद्योगपति आएंगे और वे जो उद्योग स्थापित करेंगे। उससे हमारे क्षेत्र के लोगों को रोजगार का बड़ा अवसर मिलेगा। हमारे उस आदिवासी अंचल में कोयला, वन संपदा, मैनपावर और लैंड है। अगर वहां पर उद्योग स्थापित होंगे तो निश्चित रूप से हमारे पूरे शहडोल संभाग के लिए बहुत बड़ी सौगात होगी। ‘यह तय होना चाहिए कि स्थानीय लोगों को रोजगार मिले’ हिमाद्री ने कहा कि, इस विषय को लेकर हमारी मुख्यमंत्री जी से यह मांग रहेगी कि हमारे क्षेत्र में जो कंपनी सरकार के साथ एमओयू करेगी। उसमें यह तय होना चाहिए कि हमारे स्थानीय लोगों को रोजगार मिले। बाहर से कंपनियां आती हैं और उद्योग लगाती हैं वे काम, धंधा करती हैं और चली जाती हैं। जिस चलते कहीं ना कहीं हमारे जो लोकल के लोग हैं। वो लाभ से वंचित रह जाते हैं। आने वाले समय में इस इन्वेस्टर्स मीट के माध्यम से हमारे यहां जो उद्योग लगेंगे। उसके लिए भी विशेष रूप से मैं यह प्रयास करूंगी कि कुछ प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार मिलना चाहिए। जो जैसी योग्यता रखते हैं। उनको वैसा रोजगार मिलना चाहिए और जो अनस्किल्ड लोग हैं। उनको स्किल ट्रेनिंग देकर रोजगार मिलना चाहिए।


