मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मढ़ई में आदिवासी स्कूल के विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। वह मंगलवार को ईको पर्यटन विकास बोर्ड एवं वन विभाग द्वारा एसटीआर के मढ़ई में आयोजित अनुभूति कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा- जो आपका सपना है। उसके साथ खेलें, उसके साथ सोए, उसी के साथ जिए। वो सपना आप बार-बार देखते रहेंगे, तो फिर कोई ताकत नहीं जो आपको उस सपने को हकीकत में होने से रोक सकें। चीफ जस्टिस ने कहा कि सफलता पाने वालों के आगे गरीबी कभी आड़े नहीं आती। इसके लिए उन्होंने खुद का उदाहरण दिया। चीफ जस्टिस बोले- मैंने संघर्ष जारी रख अपना सपना पूरा किया चीफ जस्टिस ने कहा- मैं खुद गरीब परिवार से हूं, मेरे माता-पिता मजदूर थे। लेकिन, मैंने संघर्ष जारी रख अपना सपना पूरा किया। आज मप्र के सबसे बड़े कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश हूं। मप्र हाईकोर्ट चीफ जस्टिस ने ईको पर्यटन विकास बोर्ड एवं वन विभाग द्वारा एसटीआर के मढ़ई में आयोजित अनुभूति कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचकर सफलता के मंत्र दिए। अनुभूति कार्यक्रम में स्कूली छात्रों ने प्रकृति के वास्तविक स्वरूप का लुत्फ उठाते हुए वन्य जीव और प्रकृति से रूबरू हुए। अनुभूति कार्यक्रम में कामतीरंगपुर एवं सहरा के शासकीय स्कूल के 122 विद्यार्थी शामिल हुए। इस दौरान विद्यार्थियों ने जंगल सफारी का भी आनंद लिया। उन्होंने एक साथ चार टाइगर फैमिली का भी दीदार किया। जिन्हें देख विद्यार्थी रोमांचित हो उठे। एसडीओ अंकित जामोद ने बताया कि अनुभूति कार्यक्रम के दौरान जंगल की सफारी करने गए स्कूली छात्रों को मादा बाघिन और उसके तीन शावक एक साथ दिखाई दिए। इस दौरान मुख्य वन संरक्षक ने लाइफ मिशन के बारे में बताया। अनुभूति मास्टर ट्रेनर राजेश पटेल वनरक्षक और अन्य प्रेरक चंद्रपाल धुर्वे, वनरक्षक बलवंत सिंह राजपूत ने अनुभूति थीम मैं भी बाघ और हम है बदलाव पर डांस कराया। छात्रों को जिप्सी और बोट सफारी कराई गई। देखें तस्वीरें…


