राज्य सरकार ने अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में बदलाव किया है,जिससे मृतक सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी के लिए आवेदन करने की समय सीमा बढ़ा दी गई है। अब आश्रित परिवार के सदस्य मृत्यु की तारीख से 180 दिनों के भीतर संबंधित विभाग या सरकार में आवेदन जमा कर सकेंगे। पहले यह अवधि मात्र 90 दिनों की थी, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है। कार्मिक विभाग के जारी आदेश के अनुसार, यह बदलाव आश्रितों को अधिक समय देने के उद्देश्य से किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे पहले भी सरकार ने इन नियमों में सुधार करते हुए समय सीमा को 45 दिनों से बढ़ाकर 90 दिन किया था। पत्नी का होता है पहला हक अनुकंपा नियुक्ति नियम 1996 के अनुसार, मृतक कर्मचारी की पत्नी को नौकरी पाने का प्राथमिक अधिकार होता है। यदि वह नियुक्ति से इनकार करती है, तो वह अपना अधिकार त्याग कर अपने पुत्र या पुत्री में से किसी एक को नौकरी के लिए सिफारिश कर सकती है। — अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्या को दैनिक भास्कर एप के सिविक इश्यू में पोस्ट करना के लिए क्लिक करें। पिता के निधन के वक्त गर्भ में था ‘बेटा’:अब अनुकंपा नियुक्ति पर विवाद, हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर मांगा जवाब — ये खबर भी पढ़ें ‘अनुकंपा-नौकरी के लिए परिवार के भिखारी जैसी हालत जरूरी नहीं’:बैंक ने पिता की मौत के बाद बेटे को नियुक्ति देने से मना किया था, हाईकोर्ट ने आदेश रद्द किया राजस्थान हाईकोर्ट ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (अब पीएनबी में मर्ज) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक मृतक कर्मचारी के बेटे को केवल इसलिए नौकरी देने से मना कर दिया था, क्योंकि परिवार को रिटायरमेंट बेनेफिट्स के तौर पर करीब 34 लाख रुपए मिले थे। (पूरी खबर पढ़ें)


