नाबालिग से गैंगरेप के तीनों दोषियों को उम्रकैद:विशिष्ट न्यायालय पोक्सो ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला; दोषियों पर लगाया भारी अर्थदंड

जिले के मेहाड़ा थाना इलाके में करीब दो साल पहले एक नाबालिग के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में न्याय की जीत हुई है। विशिष्ट न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) झुंझुनू ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों मुख्य अभियुक्तों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। तीनों दोषियों पर कुल मिलाकर 2.73 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आधी रात को घर में घुसकर किया था अपहरण मामले के अनुसार, घटना 16 फरवरी 2023 की रात की है। परिवादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रात करीब 12 से 1 बजे के बीच, उसकी 14 वर्षीय बेटी घर की दूसरी मंजिल पर सो रही थी। मुख्य आरोपी सचिन कुमार जबरन कमरे में घुसा और पीड़िता को ले जाने लगा। जब पीड़िता की मां ने उसे बचाने की कोशिश की, तो आरोपी ने उन पर हमला कर दिया और पीड़िता को छुड़ाकर भाग निकला। जब घरवाले सचिन का पीछा कर रहे थे, तभी उसके साथी रोहित और एक अन्य बालक ने पीड़िता को डरा-धमकाकर मोटरसाइकिल पर बैठा लिया और उसे दलौता नदी की ओर ले गए। वहां से तीनों आरोपी पीड़िता को प्रदीप उर्फ मोनू के घर ले गए, जहां उसके साथ दरिंदगी की गई और मारपीट की गई। विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेंद्र सिंह भांबू ने राज्य सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने 22 गवाह और 52 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर दोष सिद्ध होने पर माननीय न्यायालय ने इसे समाज के खिलाफ एक जघन्य अपराध माना। दोषियों सचिन कुमार को आजीवन कठोर कारावास | 1,12,000 जुर्माना, रोहित को आजीवन कठोर कारावास और 1,11,000 जुर्माना तथा प्रदीप उर्फ मोनू को आजीवन कठोर कारावास व 50,000 का जुर्माना लगाया है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *