इस्पात नगरी भिलाई के इतिहास, संस्कृति और सामाजिक ताने-बाने को समेटे लेखक व पत्रकार मुहम्मद जाकिर हुसैन की नई किताब “भिलाई जिंदाबाद: कुछ किस्से-कहानियां” का विमोचन प्रसिद्ध फिल्मकार अनुराग बसु ने किया। यह कार्यक्रम रविवार को राजधानी नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित साहित्य उत्सव के समापन समारोह में हुआ। विमोचन अवसर पर अनुराग बसु ने किताब की विषयवस्तु की सराहना करते हुए कहा कि भिलाई जैसे औद्योगिक शहर की कहानी केवल फैक्ट्रियों और स्टील प्लांट तक सीमित नहीं है, बल्कि वहां के लोग, उनकी मेहनत, संघर्ष और सपने भी शहर को जीवंत बनाते हैं। उन्होंने कहा कि इस किताब में भिलाई के विविध रंगों को रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। भिलाई के स्थापना से लेकर अब तक का समय
वैभव प्रकाशन, नई दिल्ली–रायपुर से प्रकाशित इस किताब में लेखक मुहम्मद जाकिर हुसैन ने भिलाई के स्थापना काल से लेकर वर्तमान समय तक के प्रमुख, यादगार और कम चर्चित घटनाक्रमों को कहानीनुमा शैली में प्रस्तुत किया है। किताब में भिलाई स्टील प्लांट की स्थापना, यहां आए विभिन्न प्रदेशों के लोगों की सांस्कृतिक साझेदारी, शहर के बदलते सामाजिक स्वरूप और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े किस्से शामिल हैं। इससे पहले भी लिख चुके हैं किताब
बता दें कि इससे पहले भी लेखक मुहम्मद जाकिर हुसैन की “भिलाई एक मिसाल” और “वोल्गा से शिवनाथ तक” जैसी किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जो भिलाई के ऐतिहासिक और सामाजिक पक्ष पर केंद्रित रही हैं। नई किताब में लेखक ने इतिहास के साथ-साथ भावनाओं और स्मृतियों को भी जगह दी है। साहित्य उत्सव में मौजूद साहित्यकारों और पाठकों ने किताब में गहरी रुचि दिखाई और इसे भिलाई की पहचान को सहेजने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।


