पंजाब में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत विजिलेंस ब्यूरो ने सीआईए खन्ना में तैनात हेड कॉन्स्टेबल रमेश कुमार को 5 लाख 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में सीआईए इंचार्ज नरपिंदरपाल सिंह के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्रवाई लुधियाना जिले के खन्ना स्थित मास्टर कॉलोनी के एक निवासी की शिकायत पर की गई। शिकायतकर्ता प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त के कारोबार से जुड़ा है। उसने आरोप लगाया कि हेड कॉन्स्टेबल रमेश कुमार ने उस पर जुआ और अवैध लॉटरी गतिविधियों में शामिल होने के झूठे आरोप लगाए। गिरफ्तार करने की दी धमकी शिकायतकर्ता के अनुसार, हेड कॉन्स्टेबल ने उसे सीआईए इंचार्ज से मिलवाने के लिए दबाव बनाया। जब वह सीआईए दफ्तर पहुंचा, तो इंचार्ज नरपिंदरपाल सिंह ने उस पर सट्टेबाजी और अवैध लॉटरी के आरोप लगाते हुए झूठा केस दर्ज कर गिरफ्तार करने की धमकी दी। आरोप है कि हेड कॉन्स्टेबल के माध्यम से पहले 5 लाख रुपए की मांग की गई, जिसे बाद में बढ़ाकर 5 लाख 20 हजार रुपए कर दिया गया। पूरी रकम न देने पर पहले लिए पैसे लौटाए शिकायतकर्ता ने मजबूरी में 2 लाख 20 हजार रुपए का इंतजाम किया, लेकिन पूरी रकम की मांग करते हुए पैसे लौटा दिए गए। रिश्वत देने से इनकार करने पर शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो यूनिट होशियारपुर से संपर्क किया। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया। दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में हेड कॉन्स्टेबल रमेश कुमार को 5.20 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। विजिलेंस ब्यूरो ने सीआईए इंचार्ज नरपिंदरपाल सिंह की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं और उसके घर तथा अन्य ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। विजिलेंस ब्यूरो थाना लुधियाना में भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।


