बूंदी में रविवार को गुरु नानक बस्ती ने एक विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत शनिवार को बालाजी महाराज और हनुमान महाराज के सहयोग से सुंदरकांड पाठ के साथ हुई थी। सम्मेलन के दूसरे दिन, रविवार को मीणा के मंदिर से पहली कलश यात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा मिस्त्री मार्केट, ओम जी पंकज ई-मित्र और बृजेश गौतम की गली से होते हुए गैलेक्सी कंप्यूटर के सामने से गुजरी। दूसरी शोभायात्रा रेट वाली महादेव मंदिर से आरंभ हुई। यह इमली वाले गणेश जी मंदिर, सोमानी की गली, पंडित जी का चौक और राधे कृष्ण मंदिर से गुजरी। दोनों शोभायात्राओं का संगम पारीक के आवास के बाहर हुआ। संगम स्थल से आगे, एक घोड़े पर महाराणा प्रताप और दूसरे पर छत्रपति शिवाजी की झांकियां थीं। इस दौरान कुछ लोग बीच में करतब दिखाते हुए चल रहे थे। यह कलश यात्रा विकास नगर स्थित राधा कृष्ण मंदिर में संपन्न हुई। यात्रा मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शोभायात्राओं का स्वागत किया गया। निर्धारित स्थान पर संत बालक दास महाराज, संत चैतन्य दास, प्रांत संगठन मंत्री गोविंद सिंह, समाज सेविका नूपुर मालव और कार्यक्रम अध्यक्ष रामेश्वर पोखरा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मंचासीन थे। कार्यक्रम के सह-संयोजक निर्मल मालव, उपाध्यक्ष सत्यनारायण सोमानी, कालू कटारा, बृजेश गौतम, प्रचार प्रमुख नंदलाल सैनी और राकेश बॉयत ने अतिथियों का माल्यार्पण एवं दुपट्टा धारण कर स्वागत किया। इसके बाद, समाज सेविका नूपुर मालव ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में सभी माताओं को अपने पुत्र-पुत्रियों में देश सेवा की भावना भरनी चाहिए। संत बालक दास ने सभी सनातनी प्रेमियों से आह्वान किया कि वे धर्म के प्रति त्याग और समर्पण की भावना रखते हुए देश रक्षा के लिए सदैव आगे बढ़ें। संत चैतन्य दास ने कहा कि सभी माताओं को बचपन से ही अपने बच्चों में देशभक्ति की भावना विकसित करनी चाहिए, ताकि वे बड़े होकर छत्रपति शिवाजी और महाराणा प्रताप जैसे वीर बन सकें।


