अनुसूचित जाति समाज मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संघ (अजाक्स) के प्रांत अध्यक्ष और IAS अधिकारी संतोष वर्मा के समर्थन में खुलकर आ गया है। डॉ. अंबेडकर जनकल्याण समिति ने प्रेस वार्ता कर ब्राह्मण समाज को चेतावनी दी कि बयान को बेवजह विवादित बनाकर जातिगत तनाव पैदा करने की कोशिश न करें। समिति के अध्यक्ष सुनील अहिरवार ने कहा कि संतोष वर्मा का पूरा भाषण 27 मिनट का था, लेकिन उसका सिर्फ 30 सेकंड वाला हिस्सा वायरल कर गलत अर्थ निकालने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि संतोष वर्मा एक वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं और कभी भी किसी जाति को लेकर गलत टिप्पणी नहीं कर सकते। इसके बाद भी उन्होंने किसी की भावना आहत न हो इसलिए माफी भी मांग ली है। सुनील ने कहा कि बुधवार को यह ज्ञापन सौंपेंगे और अगर उस पर कार्यवाही नहीं हुई तो 7 दिन के अंदर पुतला दहन करेंगे। तिवारी पर लगाए गंभीर आरोप, पुतला फूंकेंगे अहिरवार ने हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि तिवारी ने संतोष वर्मा की पत्नी को लेकर अशोभनीय एवं अभद्र टिप्पणी की, जिससे अनुसूचित जाति समाज की भावना आहत हुई हैं। ऐसे बयान एक गरिमामय पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देते। इसी वजह से समिति आगामी दिनों में चंद्रशेखर तिवारी का पुतला फूंकने की तैयारी कर रही है। वर्मा को मिल रही धमकियां अहिरवार ने कहा कि आज भी देश में जातिगत भेदभाव खत्म नहीं हुआ है। अनुसूचित जाति समाज के लोग बड़े पदों पर पहुंच रहे हैं, IAS बन रहे हैं, यह बात मनुवादी सोच के लोगों को पच नहीं रही है। इसलिए बयान को तोड़-मरोड़कर दलित समाज को बदनाम करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर संतोष वर्मा को लगातार गालियां और जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। वर्मा को सुरक्षा देने की मांग समिति ने सरकार से स्पष्ट मांग की है कि संतोष वर्मा को तत्काल सुरक्षा दी जाए। साथ ही सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर अभद्र टिप्पणी करने वालों पर SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज की जाए। समिति ने कहा कि अनुसूचित जाति समाज किसी भी प्रकार का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. अंबेडकर जनकल्याण समिति लांबाखेड़ा के अध्यक्ष सुनील अहिरवार, उपाध्यक्ष राजेश अहिरवार, सचिव नीलेश अहिरवार, सह सचिव दिनेश अहिरवार और सदस्य अशोक अहिरवार सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।


