अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर जिले के तीन पटवारियों को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई रविवार रात को की गई। निलंबित पटवारियों में जैतहरी के रामबदन चौधरी, सेंदुरी की प्रियंका सोनी और देवगवां के सतेन्द्र विश्वकर्मा शामिल हैं। इन पटवारियों के खिलाफ यह कार्रवाई 4 दिसंबर को जिला पंचायत सभागार में आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक के बाद की गई। बैठक में तहसील जैतहरी, अनूपपुर और कोतमा में लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की गई थी। समीक्षा के दौरान पाया गया कि पटवारी रामबदन चौधरी के हल्के में नामांतरण के 64 और बंटवारे के 30 प्रकरण लंबित थे। इसी तरह, पटवारी प्रियंका सोनी के हल्के में नामांतरण के 16 और बंटवारे के 6 प्रकरण तथा पटवारी सतेन्द्र विश्वकर्मा के हल्के में नामांतरण के 13 और बंटवारे के 5 प्रकरण लंबित पाए गए। इन पटवारियों द्वारा लंबित प्रकरणों के समुचित निराकरण के लिए कोई सकारात्मक प्रयास नहीं किया गया था। नियम उल्लंघन पर कलेक्टर ने पटवारियों पर की कार्रवाई कलेक्टर पंचोली ने पटवारियों के इस कृत्य को पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता माना। उन्होंने इसे मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 और मूलभूत नियमों का उल्लंघन बताया। इसके बाद, म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तीनों को निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान पटवारी रामबदन चौधरी का मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुभाग जैतहरी, प्रियंका सोनी का मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुभाग अनूपपुर और सतेन्द्र विश्वकर्मा का मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुभाग कोतमा निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।


