अनूपपुर जिले की सड़कों को सुरक्षित बनाने और हादसों पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी योजना तैयार की है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उन खतरनाक रास्तों को सुधारने का फैसला लिया गया, जहां सबसे ज्यादा हादसे होते हैं। अपर कलेक्टर दिलीप कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में तय किया गया कि जिले के पांच प्रमुख ब्लैक स्पॉट पर अब ‘रेट्रो रिफ्लेक्टर’ टेप लगाए जाएंगे ताकि रात के समय वाहन चालकों को रास्ता स्पष्ट दिखाई दे सके। 2025 में थे 11 ब्लैक स्पॉट यातायात प्रभारी विनोद दुबे ने बताया कि प्रशासन के प्रयासों से जिले में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की संख्या में कमी आई है। जहां साल 2025 में जिले में 11 ब्लैक स्पॉट चिन्हित थे, वहीं साल 2026 में यह संख्या घटकर अब केवल 5 रह गई है। इन पांच स्थानों में से तरंग जोहिला घाट क्रॉस मोड़ एक नया खतरनाक पॉइंट बनकर उभरा है, जबकि अन्य चार पुराने स्थानों पर सुधार कार्य जारी हैं। इन प्रमुख क्षेत्रों में होगा सुधार कार्य बैठक के दौरान करनपठार थाना क्षेत्र के तरंग जोहिला घाट क्रॉस मोड़ के साथ-साथ भालूमाड़ा के बदरा तिराहा, कोतमा के शुक्ला ढाबा के सामने, बिजुरी के डोंगरिया तिराहा और चचाई थाना क्षेत्र के बकही हाईस्कूल के पास सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने के निर्देश दिए गए। इन सभी चिन्हित स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर रोड मार्किंग, रोड स्टड, रंबल स्ट्रिप और स्पीड ब्रेकर बनाए जाएंगे। साथ ही, चालकों को सचेत करने के लिए बड़े साइन बोर्ड भी लगाए जाएंगे। एनएचएआई को अधूरे काम पूरे करने की हिदायत अपर कलेक्टर ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) को निर्देश दिए हैं कि हाईवे और उससे जुड़ने वाले उप मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था और ब्रेकर निर्माण का कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए। अधिकारियों ने पाया कि कई जगहों पर साइड मार्किंग और रोड स्टड लगाने का काम अभी भी बाकी है, जिसे समय सीमा के भीतर खत्म करने को कहा गया है। प्रशासन का मानना है कि इन तकनीकी सुधारों से सड़क हादसों में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है। शहर के एंट्री पॉइंट्स पर रहेगी विशेष नजर ब्लैक स्पॉट के अलावा अनूपपुर शहर के मुख्य नो-एंट्री पॉइंट्स पर भी सुरक्षा बढ़ाने पर चर्चा हुई। अमरकंटक रोड, चचाई रोड, पुलिस लाइन तिराहा और जैतहरी रोड जैसे इलाकों में भारी वाहनों के खड़े रहने और रोशनी की कमी के कारण अक्सर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अपर कलेक्टर ने इन सभी प्रवेश द्वारों पर पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं ताकि स्थानीय निवासियों और राहगीरों को आवाजाही में किसी प्रकार की परेशानी या खतरे का सामना न करना पड़े।


