इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की आपूर्ति से हुई मौतों और बीमारियों के विरोध में कांग्रेस ने रविवार दोपहर बिजुरी में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मप्र शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल के आवास के निकट तक पहुंचा। प्रदर्शन दोपहर 1.15 बजे हनुमान मंदिर चौराहे से शुरू हुआ और रैली के रूप में दोपहर 3.30 बजे मंत्री आवास के पास पहुंचा। हालांकि, बिजुरी पुलिस बल और नायब तहसीलदार रामधनी ठाकुर की टीम ने रैली को मंत्री आवास से लगभग 200 मीटर पहले ही रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने मंत्री तथा पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने मंत्री आवास तक पहुंचने का प्रयास किया, जिससे पुलिस और उनके बीच धक्का-मुक्की हुई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया और उन्हें रेलवे फाटक स्टेट बैंक तिराहे के पास से हटाया। इसके बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को पीसीआर वैन में भरकर बिजुरी थाना परिसर ले गई। यहां भी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखा। शाम 4.30 बजे पुलिस ने औपचारिक गिरफ्तारी के बाद लगभग आधा दर्जन कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया। यह हुए प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शन में कोतमा के पूर्व विधायक सुनील सराफ, पुष्पराजगढ़ विधायक फुंडेलाल सिंह मार्को, जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान, कोतमा ब्लॉक अध्यक्ष नीलू पाण्डेय, बिजुरी ब्लॉक अध्यक्ष जय कुमार छड़ी, पार्षद विमला पटेल और जिला पंचायत सदस्य रिंकू मिश्रा सहित कोतमा, बिजुरी और राजनगर के कार्यकर्ता मौजूद थे। वक्ताओं ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के लिए नगर निगम और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जिम्मेदार ठहराया। पूर्व विधायक सुनील सराफ ने भाजपा नेताओं पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया।


