पोस्टमार्टम कार्यालय के बाहर 60 वर्षीय कृष्ण की पत्नी सत्या कुमारी बिलख-बिलख कर रो रही थी। 2 विवाहित बेटों व एक विवाहित बेटी की मां सत्या ने बताया कि कृष्ण पिछले 6 साल से फैक्टरी में काम कर रहे थे। मालिक अश्वनी उन्हें केवल 8500 रुपए वेतन देता था। कई बार कृष्ण ने वेतन बढ़ाने की मांग की। उन्होंने 8500 रुपए में दो वक्त की रोटी का जुगाड़ न हो पाने की गुहार भी मालिक के समक्ष लगाई थी लेकिन हर बार मालिक वेतन में बढ़ौतरी करने को लेकर टाल मटोल कर देता था। सत्या ने बताया कि फैक्टरी की चाबियां कृष्ण के पास रहती थीं। हर रोज सुबह 9.30 बजे वे अपने साथी वर्कर के साथ फैक्टरी खोलते थे। घटना वाले दिन भी कृष्ण चाबियां लेकर समय पर फैक्टरी पहुंचे। हालांकि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी उन्हें फैक्टरी की चाबियां मालिक को उसके रुपनगर निवास पर पहुंचाकर वापिस लौट आने को कहा था लेकिन प्रभू को कुछ ओर ही मंजूर था। मृतक कृष्ण ने उनकी बात पर गौर नहीं किया तथा अपने जज्बे व जनून के चलते फैक्टरी पर काम करने निकल पड़े। सत्या ने प्रशासन से मालिक अश्वनी से घर के गुजारे के लिए मुआवजा दिलाने की मांग की है। भास्कर न्यूज | अमृतसर अन्नगढ़ की नींवी आबादी में रविवार को केवल पेंट फैक्टरी में केमिकल ब्लास्ट में 2 कर्मचारियों की मौत हो गई थी। जिसकी फोरेंसिक जांच होगी। वहीं पुलिस-प्रशासन की टीमें इंडस्ट्री में पड़े केमिकल्स के सैंपल लेने 10 जून को दोबारा फैक्टरी खंगालेगी। फिलहाल फैक्टरी मालिक पर केस दर्ज कर लिया है। यह केस मृतक कर्मचारियों कृष्ण कुमार और शम्मी के परिजनों की शिकायत पर दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी जसपाल सिंह ने बताया कि जांच में दोषी पाए जाने पर अश्वनी कुमार को गिरफ्तार किया जा सकता है। हालांकि पुलिस अधिकारी ने बताया कि अश्वनी किडनी की समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती हो गया है। वहां उनका किडनी ट्रांसप्लांट संबंधी इलाज शुरू किया गया है।


