सरायकेला । सावन की तीसरी सोमवारी के मौके पर कला नगरी सरायकेला के ऐतिहासिक कुदरसाही घाट स्थित बाबा बुद्धेश्वर महादेव पर जलार्पण करने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। उधर, हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने संजय नदी से कांवर यात्रा निकाली। श्रद्धालु संजय नदी से पवित्र जल लेकर झूमते-नाचते बाबा भोलेनाथ का जयकारा लगाते हुए डीजे की धुन पर नंगे पांव लगभग 10 किलोमीटर पैदल यात्रा कर बुद्धेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे और भोलेनाथ को जल अर्पण कर सुख, शांति व समृद्धि की कामना की। उधर, पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। साथ ही जगह-जगह सेवा शिविर भी लगाया गया। सरायकेला नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी श्रद्धालुओं की सेवा करते नजर आए। अपना चौक, भैरव संघ और राज बांध की भव्य कांवर यात्रा व बोल बम के नारों से कला नगरी गूंजने लगी। भास्कर न्यूज | सरायकेला श्रावण मास की तीसरी सोमवारी पर सरायकेला जिले में शिव भक्तों की भीड़ विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक के लिए उमड़ी। सोमवार की सुबह से ही श्रद्धालुओं की टोलियां शहर के विभिन्न शिव मंदिरों की ओर बढ़ती नजर आई। सबसे अधिक भीड़ कुदरसाईं स्थित शिव मंदिर में देखी गई, जहां श्रद्धालुओं ने सुबह 5:00 बजे से ही भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करना प्रारंभ कर दिया। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया मंदिर प्रांगण में भक्तों की लंबी कतार लग गई। इंद्रटांडी मोहल्ले में बाबा बामदेव मंदिर में भी जलाभिषेक के लिए विशेष तैयारी की गई थी, यहां पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के विधायक प्रतिनिधि सनत कुमार आचार्य के नेतृत्व में श्रद्धालुओं की टोली ने खरकई नदी के तितिरविला पुल से कांवर यात्रा निकाली। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के साथ भक्तों की टोली मुख्य मार्ग से होते हुए मंदिर तक पहुंची और कतारबद्ध होकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इसी क्रम में पंचमुखी मजना घाट शिव मंदिर में भी भक्तों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। मंदिर परिसर में शिव भक्तों की भीड़ पूरे दिन बनी रही। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल अर्पित कर परिवार व समाज के कल्याण की कामना की। सोमवारी के अवसर पर मंदिरों में सुरक्षा के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई थी। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती भी की गई थी।


