कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कांके स्थित भारतीय कोयला खान संस्थान (आईआईसीएम) का दौरा किया और युवा प्रबंधन प्रशिक्षुओं के साथ ज्योति कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिला प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत जरूरी है। विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए महिलाओं को सशक्त बनाना और उनके योगदान को मान्यता देना जरूरी है। उन्होंने युवा पेशेवरों को संदेश दिया कि वे अपने कार्य को केवल एक रोजगार के रूप में न देखें, बल्कि इसे देश सेवा के एक अवसर के रूप में अपनाएं। उन्होंने युवाओं को अपने कार्यक्षेत्र में नई सोच और नवाचार को शामिल करने का भी आह्वान किया। कोयला मंत्री ने इस अवसर पर पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। कोयला मंत्रालय के सचिव विक्रम देव दत्त ने महिलाओं की भूमिका कोयला उद्योग में सशक्त बनाने और नवाचार को बढ़ावा देने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कोयला क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाना और उनके साथ तालमेल बिठाना समय की मांग है। अतिरिक्त कोयला सचिव विस्मिता तेज ने महिला प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए उनके योगदान को कोयला क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। कोल इंडिया के चेयरमैन पीएम प्रसाद ने भारतीय कोयला खान संस्थान की भूमिका पर प्रकाश डाला। कहा कि संस्थान कोयला क्षेत्र के युवाओं को उत्कृष्टता की ओर प्रेरित करने और उन्हें नेतृत्व के लिए तैयार करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आईआईसीएम में प्रशिक्षुओं के साथ कोयला मंत्री व अन्य पदाधिकारी। केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने शुक्रवार को बीसीसीएल में अनुकंपा आधार पर नियोजन पाने वाले 5 लाभार्थियों को नियोजन पत्र सौंपा। बीसीसीएल द्वारा जनवरी में 100 लोगों को नौकरी दी जानी है। इस क्रम में शुक्रवार को 5 लाभार्थियों को नियोजन पत्र दिया गया। 95 लाभार्थियों को अगले सप्ताह नियोजन पत्र दिए जाएंगे। मौके पर मौजूद बीसीसीएल के सीएमडी समीरन दत्ता ने बताया कि कंपनी ने इस वर्ष अब तक 442 लाभार्थियों को नौकरी दी है। दिसंबर में नियोजन शिविर-2.0 में 117 लाभार्थियों को नियोजन पत्र सौंपा गया। बीसीसीएल ने 77 जूनियर ओवरमैन के पदों पर भी भर्ती की है। चिकित्सकों और नर्सों के पदों को भी भरा गया है। वर्ष 2024-25 के अंत तक बीसीसीएल द्वारा 600 से अधिक लोगों को नौकरी दी जाएगी।


