साल 2024 का आज आखिरी दिन है। अपराधों के लिहाज से यह साल राजधानी पुलिस के लिए अच्छा भी रहा और बुरा भी। 2023 के मुकाबले 2024 में गंभीर अपराधों में 3% की गिरावट आई, लेकिन हत्या 3 फीसदी और अपहरण के मामले 15% बढ़े हैं। 2023 में 14805 गंभीर अपराध दर्ज हुए थे। 2024 में इनकी संख्या 14392 रही। महिला अपराधों में भी 3% की गिरावट आई। लेकिन, 2024 में दहेज हत्या के मामले 86% बढ़े हैं। महिलाओं की हत्या के मामलों में 57% की बढ़ोत्तरी हुई है। माइनर एक्ट में जरूर 15 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है। पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र का कहना है कि ओवरऑल अपराध घटे हैं। पुलिस लगातार ग्राउंड पर काम कर रही है। कुछ अपराध हैं, जो नहीं घटे हैं। इनमें कमी लाने के लिए और बेहतर प्रयास किए जाएंगे।
ड्रग्स तस्करी 50% बढ़ी, कॉपीराइट मामले 200% बढ़े
इस साल एनडीपीएस एक्ट में 167 कार्रवाई हुई। 2023 में 111 मामले सामने आए थे। आंकड़ों के लिहाज से ड्रग्स तस्करी में 50 फीसदी का इजाफा हुआ है। 2023 में जुआ एक्ट की 493 कार्रवाई थी। साल 2024 में 365 जगह जुआ पकड़ा गया। इसी तरह सट्टा एक्ट की 2023 में 463, 2024 में 263 कार्रवाई हुई। कॉपीराइट एक्ट के मामलों में 200 फीसदी का इजाफा हुआ है। इस एक्ट में इस साल 6 कार्रवाई हुई, जबकि 2023 में सिर्फ 2 मामले थे। विस्फोटक पदार्थ अधिनियम में इस साल एक मामला सामने आया है। पिछले साल एक भी मामला नहीं था। एनडीपीएस में 167 कार्रवाई, यह पिछले साल से 50 फीसदी ज्यादा साइबर क्राइम: इस साल 5823 शिकायत, 71 में एफआईआर, 43 लाख वापस दिलवाए साल 2024 में साइबर अपराध की शिकायत कम हुई है। 2023 में 6089 शिकायत आई थीं। 49 में एफआईआर दर्ज हुई थी और 53 लाख 80 हजार रुपए वापस दिलवाए गए थे। साल 2024 में साइबर फ्रॉड की 5823 शिकायत आईं। इनमें 71 में एफआईआर हुई और 43 लाख 55 हजार रुपए फरियादियों को वापस दिलवाए गए 371 आरोपी पकड़े क्राइम ब्रांच ने इस साल 228 मामले दर्ज किए। इनमें 371 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। एनडीपीएस के 51 मामलों में 95 आरोपी पकड़े गए।


