अपार आईडी बनाने में पिछड़ा झुंझुनूं:प्रदेश में 25 वें स्थान पर, 55.12 फीसदी ही काम हुआ

वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी के तौर पर बनाई जा रही अपार आईडी का काम झुंझुनूं में बेहद ही धीमी गति से चल रहा है। प्रदेश में जिले की की स्थित बहुत खराब है। झुंझुनूं प्रदेश में 25 वें पायदान पर है। जिले में 1 लाख 89 हजार 389 आइडी बनाई गई है। यानी 55.22 फीसदी काम हुआ है। अपार आईडी विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धियों सहित अन्य रिकॉर्ड का विवरण है। अब तक पूरे प्रदेश में 82 लाख 92 हजार 627 अपार आइडी जनरेट की गई है। पूरे राज्य की उपलब्धि 52.55 प्रतिशत है। वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी के तौर पर इसका उपयोग किया जा सकेगा। यह कार्ड बेसिक से लेकर माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए बनाया जाना है। प्रदेश के सभी जिला व ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को ये कार्ड बनाने के निर्देश हैं। ये ऐसी प्रणाली है, जिसमें छात्रों के लिए 12 अंकों का यूनिक नंबर जारी किया जाएगा। जिसकी मदद से भविष्य में उनकी शैक्षिक प्रगति व उपलब्धि की ट्रैकिंग की जा सकेगी। यह एक 12 अंकों का यूनिक नंबर होगा। जो वन नेशन, वन स्टूडेंट आइडी के तौर पर काम करेगा। जिसमें छात्रों की पढ़ाई से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी उपलब्ध रहेगी। इसमें मासिक, त्रैमासिक, अर्द्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षाओं के परिणाम पीटीएम उपस्थिति सहित अन्य जानकारी भी रहेगी। इसी को अपार आईडी नाम दिया गया है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का ही हिस्सा है। सहमति पत्र के बाद यू डायस पोर्टल पर अपार मॉड्यूल में छात्र को दिए फॉर्म को भरना होगा। अपार कार्ड के लिए विद्यार्थी के नाबालिग होने पर अभिभावक से सहमति पत्र लेना होगा। कार्ड की मदद से छात्रों की शैक्षिक प्रगति और उपलब्धि की ट्रैकिंग होगी। यह कार्ड बेसिक से लेकर माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए बनाया जा रहा है। फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
पूरा रिकॉर्ड अपार आईडी में होने से फर्जीवाड़े की संभावनाएं समाप्त हो जाएगी। लोग अब चाह कर भी फर्जी दस्तावेज नहीं बनवा पाएंगे। इससे पारदर्शिता आएगी। कई बार लोग नौकरी पाने के लिए फर्जी दस्तावेज बनवा लेते हैं। ऐसे में योग्य उम्मीदवार रोजगार से वंचित रह जाते हैं। अपार आइडी के जरिए नियोक्ता एक क्लिक में उम्मीदवार की सारी जानकारी देख सकेंगे और सही उम्मीदवार का चुनाव कर सकेंगे।

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