शहरी विकास की इंटीग्रेटेड पॉलिसी के निर्माण में लोक निर्माण विभाग(पीडब्ल्यूडी) को भी शामिल किया जाएगा। इसके चलते अब पीडब्ल्यूडी जो भी बिल्डिंग बनाएगा, वह ग्रीन बिल्डिंग होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भवन निर्माण में वास्तु-विज्ञान का ध्यान रखा जाए। ताकि सूर्य की रोशनी, हवा अन्य प्राकृतिक संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित हो और ऊर्जा की बचत की जा सके। यह निर्देश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पीडब्ल्यूडी की समीक्षा बैठक में अफसरों को दिए। बैठक में बताया गया कि अगले तीन साल में प्रदेश में 6-लेन और 4-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का व्यापक नेटवर्क विकसित किया जाएगा। सिंहस्थ-2028 से पहले उज्जैन समेत आसपास के शहरों और धार्मिक पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए 12 हजार करोड़ की लागत से 52 प्रमुख सड़क मार्गों को अपग्रेड किया जाएगा। भोपाल पश्चिमी बायपास पर होगा पुनर्विचार भोपाल पश्चिमी बायपास परियोजना को फिलहाल होल्ड पर रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार संभावित ट्रैफिक दबाव, बढ़ती लागत और परियोजना की व्यवहारिकता जैसे सभी प्रमुख पहलुओं पर पुनर्विचार किया जा रहा है। इन बिंदुओं की समीक्षा के बाद ही बायपास के आगे के क्रियान्वयन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यह बायपास रतनपुर से फंदा तक बनाया जाना प्रस्तावित है।


