4 नवंबर से चल रहे एसआईआर सर्वे में भोपाल जिले की सात विधानसभाओं में वोटर वेरिफिकेशन में गंभीर गड़बड़ी उजागर हुई है। डोर-टू-डोर जांच में पता चला है कि वोटर लिस्ट में अभी भी 3 लाख से अधिक मृत लोगों के नाम दर्ज हैं। एक लाख से ज्यादा लोग परमानेंट शिफ्ट हो चुके हैं या अनुपस्थित पाए गए हैं। 21 लाख से अधिक मतदाताओं में से ऐसे 4 लाख 4 हजार 711 नाम मिले हैं। सबसे ज्यादा गड़बड़ी गोविंदपुरा में मिली है। यहां 27 हजार से अधिक लोग पते पर मिले ही नहीं। इसके अलावा 6 हजार से अधिक मृत लोगों के नाम सूची में दर्ज पाए गए। ऐसी गड़बड़ी के मामले में नरेला दूसरे नंबर पर है। यहां 5 हजार से अधिक मृत वोटर सूची में मिले। बुधवार को जारी रिपोर्ट में नो-मैपिंग में 1 लाख 88 हजार 808 वोटर दर्ज हुए। देर शाम तक स्क्रीनिंग कर ऐसे 37 हजार 778 नाम नो-मैपिंग से हटाए गए। ज्यादातर को मृत, एबसेंट, परमानेंट शिफ्टिंग और अन्य श्रेणियों में दर्ज किया। अब सवाल उठ रहे हैं कि मैपिंग वाले वोटरों को पहले नो-मैपिंग में क्यों डाला। आज पत्रक जमा करने का आखिरी दिन
गणना पत्रक जमा करने और इन्हें डिजिटाइज करने का गुरुवार आखिर दिन है। वोटर अपने गणना पत्रक में छूटी हुई जानकारी गुरुवार शाम तक बीएलओ को उपलब्ध करा सकेंगे। प्रदेशभर में बीएलओ बूथों पर मौजूद रहकर ऐसे मतदाताओं का इंतजार करेंगे। इसके साथ ही रात 12 बजे तक एनुमरेशन फॉर्म में जानकारी अपडेट की जा सकेगी। 12 आईएएस के गणना पत्रक लंबित
जिले में 12 आईएएस अफसरों के गणना पत्रक बुधवार शाम तक जमा नहीं हुए। इनमें मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई भी शामिल हैं। प्रशासन की रिपोर्ट में उनके पत्रक पर ‘नॉट रिसीव’ दर्ज है। कई सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के अफसरों ने भी पत्रक जमा नहीं किए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि 11 दिसम्बर तक गणना पत्रक जमा किए जा सकते हैं।


