नरयावली विधानसभा क्षेत्र की परसोरिया ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत शौचालय निर्माण में बड़ा घोटाला हुआ है। 2022-23 के बीच 370 शौचालय के लिए प्रति हितग्राही 12 हजार रुपए की राशि जारी की गई थी। 43 लोगों ने एक ही परिवार आईडी पर दोहरा लाभ लिया है। बाकी 327 शौचालय कहां बनाए गए यह किसी को पता नहीं है। दरअसल, पुराने शौचालयों पर निर्माण वर्ष, हितग्राही व आईडी नहीं लिखी, जो शौचालय पहले बने थे, उन्हीं को नया बताकर दूसरी बार राशि निकाल ली गई। जबकि नियम है कि एक परिवार की एक समग्र आईडी पर एक ही बार इस योजना का लाभ मिल सकता है। शौचालय घोटाले में सागर जनपद व जिला पंचायत से लेकर ग्राम पंचायत तक के अफसर व नेताओं की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता। जियो टेगिंग और शौचालयों के निर्माण वर्ष के साथ मार्किंग की जाए तो इसमें हुए घोटाले की हकीकत सामने आ जाएगी। जांच के लिए बड़ा दल लगेगा : पूर्व एसडीओ जनपद पंचायत नरेंद्र विश्वकर्मा का कहना है कि शिकायत पर प्राथमिक तौर पर जांच की गई थी। जिसमें दोहरे लाभ की बात सामने आई है। लेकिन यह जांच पूरी नहीं हो पाई। इसके लिए बड़ा जांच दल लगेगा। इसकी गहराई से जांच होने की जरुरत हैं। मैंने इस संबंध में जिला प्रशासन को पत्र लिखा है। एक आईडी, एक ही खाते पर पति-पत्नी, पिता-पुत्र ने दो बार निकाले पैसे, जांच शुरू हुई पर दबा दी गई परसोरिया पंचायत कैलाश (आईडी-35267807), लालसिंह (39462375) पिता के बाद पुत्र ने एक ही समग्र आईडी पर दो बार शौचालय के पैसे निकाले। इसी तरह फमिदा (35809548), सरोज (35284761), बदरुन (35314753) ने 2018 के बाद 2020-23 के बीच पहले पत्नी फिर पति के नाम से योजना का लाभ लिया है। यह महज कुछ उदाहरण हैं। ऐसे 43 नामों की सूची दैनिक भास्कर के पास है। किसी ने एक ही खाते में तो किसी ने अलग-अलग खाते में राशि डलवाई है। एक शिक्षक, उसकी पत्नी व पुत्र यानी एक परिवार के तीन लोगों ने भी नियम विरुद्ध तरीके से योजना का लाभ लिया है। सबसे तेज गति से शौचालय निर्माण का बना था रिकॉर्ड, इसी से संदेह भी जिले में सबसे अधिक तेज गति से शौचालय के निर्माण का रिकॉर्ड भी परसोरिया के नाम है। स्वच्छता मिशन 2.0 के काम की प्रगति रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख है। शौचालय घोटाले की सुगबुगाहट होने पर नरयावली विधायक प्रदीप लारिया तक इस भ्रष्टाचार की खबर पहुंची। जिस पर उन्होंने जिला पंचायत व जनपद पंचायत सीईओ को पत्र लिखे हैं। आउटसोर्स कर्मचारी के मोबाइल से हुए 70आवेदन, सचिव की आईडी से जियो टेगिंग जनपद पंचायत सागर में परसोरिया पंचायत के 70 लोगों के शौचालय आवेदन एक आउटसोर्स कर्मचारी के मोबाइल से किए गए हैं। राशि भुगतान के संबंध में पोर्टल पर आधी अधूरी जानकारी दी गई है। परसोरिया पंचायत में 2016-2018 तक 552 स्वच्छता मिशन के तहत शौचालय बने। 2018 में 86 शौचालय मनरेगा के तहत बने। इसके बाद 2022-2023 में 370 नए शौचालयों के लिए राशि जारी की गई है। 2016 से पदस्थ पंचायत सचिव की आईडी से जियो टेगिंग की गई है। शौचालयों निर्माण में हुई गड़बड़ी को लेकर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। कार्रवाई के लिए सीईओ को लिखा है मेरी विधानसभा क्षेत्र के परसोरिया में शौचालय निर्माण में बड़ा घपला सामने आया है। मैंने इसकी जांच और कार्रवाई के लिए जिला पंचायत सीईओ को पत्र लिखा है। – प्रदीप लारिया, विधायक नरयावली विधानसभा पुराना रिकॉर्ड नहीं मिल रहा परसोरिया में शौचालय निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत मिली है। शौचालय का पुराना रिकॉर्ड नहीं मिल रहा। जिला पंचायत से इसकी जांच कराई जा रही है।- अजय वर्मा, सीईओ जनपद पंचायत सागर


