रांची| झारखंड जनाधिकार महासभा ने राज्य की वर्तमान सरकार में आदिवासी-मूलवासियों पर दमन बढ़ने का आरोप लगाया है। कहा कि आदिवासी, दलित और गरीब दैनिक पुलिसिया दमन और लचर न्यायिक व्यवस्था से त्रस्त हैं। महासभा के लोगों ने बुधवार को प्रेस वार्ता में ये बातें कही। मौके पर अलोका कुजूर, दिनेश मुर्मू, एलिना होरो, मनोज भुइयां, नंदिता भट्टाचार्य , सुशीला बोदरा और सिराज आदि उपस्थित थे। इन्होंने बताया कि पिछले एक साल में फर्जी मामले, मुठभेड़ के नाम पर हत्या, हिरासत में हिंसा और आदिवासी-वंचितों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज न करने की कई घटनाएं हुए हैं। उच्च न्यायालय में दर्ज एक पीआईएल के जवाब में राज्य सरकार के अनुसार वर्ष 2018 से अब तक 427 लोगों की जेल में मौत हुई है। 11 महिलाओं समेत 75 आदिवासियों के विरुद्ध हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर आरोपों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।


