फाजिल्का के अबोहर के थाना रोड पर सोमवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब अचानक हवा में उड़कर आई जानलेवा चाइनीज डोर सड़क पर फैल गई। डोर की चपेट में आने से कई दो दोपहिया वाहन चालक बाल-बाल बचे। गनीमत यह रही कि उस समय वाहनों की गति कम थी, अन्यथा कोई बड़ी जनहानि हो सकती थी। विशेष रूप से उस मार्ग पर पंजाब सरकार के हेल्थ इंश्योरेंस कैंप के कारण भारी भीड़ जुटी हुई थी, जिससे खतरा और भी अधिक बढ़ गया था। घटना के दौरान मौके पर मौजूद ओजस छाबड़ा नामक युवक ने तत्परता दिखाते हुए हवा में लहराती डोर को तुरंत इकट्ठा किया, जिससे राहगीर सुरक्षित बच सके। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह डोर इतनी खतरनाक और मजबूत थी कि रबर तक को काट दे रही थी, लेकिन खुद नहीं टूट रही थी। इस घटना ने एक बार फिर शहर में प्रतिबंधित प्लास्टिक डोर के धड़ल्ले से हो रहे इस्तेमाल की पोल खोल दी है।
कुछ दिन पहले युवक का गला कटा, 16 टांके लगे स्थानीय निवासियों में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा रोष है। लोगों का आरोप है कि प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज डोर का खुलेआम उपयोग हो रहा है, लेकिन पुलिस कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रही। हाल ही में पंचपीर नगर के एक युवक का गला कटने से उसे 16 टांके आए थे। इसके अलावा पंजाब के अन्य हिस्सों में भी पिछले दिनों एक युवक और एक महिला इसी खूनी डोर के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। बेचने वालों को पकड़ने की मांग पीड़ित जनता ने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पतंगबाजी वाले क्षेत्रों में विशेष छापेमारी की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़े मामले दर्ज किए जाएं। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने अपनी उदासीनता नहीं छोड़ी और समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में होने वाले किसी भी दर्दनाक हादसे की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।


