अब खुली नींद:बोर्ड परीक्षा सिर पर, अब कोर्स पूरा कराने के लिए साझेदारी

स्कूल शिक्षा विभाग तब जागा जब 10वीं-12वीं की परीक्षाओं में सवा महीना बचा भोपाल में हाई स्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षाओं से पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए एक नई साझेदारी व्यवस्था लागू की है। इस योजना के तहत, जिन स्कूलों में विषय विशेष के शिक्षक नहीं हैं, वे पास के स्कूलों से शिक्षकों की सेवाएं साझा कर सकेंगे। उदाहरण के लिए, यदि एक स्कूल में गणित का शिक्षक है लेकिन अंग्रेजी का नहीं, और पास के स्कूल में इसके विपरीत स्थिति है, तो दोनों स्कूल आपस में शिक्षकों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। शिक्षकों की ​उपस्थिति दोनों स्कूलों में होगी दर्ज यह निर्देश तब जारी किए गए हैं जब परीक्षा के लिए केवल सवा महीने का समय बचा है। इस व्यवस्था के तहत, शिक्षक सप्ताह में चार दिन अपने मूल स्कूल में और दो दिन दूसरे स्कूल में पढ़ाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारी इस संबंध में आदेश जारी करेंगे और शिक्षकों की उपस्थिति दोनों स्कूलों में दर्ज की जाएगी। निर्देश का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिक्षकों को अन्य स्कूल में पढ़ाने के लिए यात्रा व्यय के रूप में 1500 रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारी फरवरी के अंत तक विषयवार और दिनवार जानकारी लोक शिक्षण संचालनालय को देंगे। साझेदार शिक्षक को विद्यार्थियों के लिए अभ्यास कॉपी तैयार करनी होगी, जिसमें प्रतिदिन की तारीख और टॉपिक लिखा जाएगा। ग्राफ, चित्र, मॉडल और वर्कशीट से अभ्यास करवाया जाएगा। निरंतर टेस्ट लेकर विद्यार्थियों की प्रगति का आकलन किया जाएगा। इस व्यवस्था से मूल स्कूल के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी शिक्षाविद् और सेवानिवृत्त ज्वाइंट डायरेक्टर, राजेश तिवारी का कहना है कि इस व्यवस्था से मूल स्कूल की पढ़ाई भी प्रभावित होगी। नए स्कूल में जाकर छात्रों को समझने में समय लगता है और इतने कम समय में कोर्स पूरा करना मुश्किल होगा। मेरा मानना है कि यह व्यवस्था परीक्षा से छह महीने पहले लागू की जानी चाहिए थी। अब आनन-फानन में यह व्यवस्था परेशानी खड़ी करेगी। राजधानी में ऐसे स्कूलों का पता लगवाएंगे….
इस मामले में भोपाल के जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र अहिरवार ने बताया कि संकुल प्राचार्यों से ऐसे स्कूलों की लिस्ट मांगी गई है जहां विषय शिक्षकों की कमी है। जहां विषय शिक्षक कम हैं या नहीं है वहां दूसरे स्कूल जहां पर्याप्त संख्या में विषय शिक्षक हैं वहां से उन्हें पढ़ाने भिजवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी रेमेडियल क्लास लगाई जा रही हैं। इस बार रिजल्ट बेहतर आए इसके लिए यह कदम उठाया गया है। मालूम हो कि पिछले दो साल से 10वीं और 12वीं का रिजल्ट अपेक्षा अनुसार नहीं आ रहा है। इसको सुधारने को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग लगातार प्रयास कर रहा है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *