अब जागे जिम्मेदार . जिले की कई सहकारी समितियों में अभी भी खाद की किल्लत

भास्कर न्यूज|बालोद खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों व जनप्रतिनिधियों ने चक्काजाम, आंदोलन की चेतावनी दी थी। जिसके बाद सुरेगांव, भालुकोन्हा सहकारी समिति के गोदाम में डीएमओ व कृषि विभाग के उप संचालक ने 100 टन डीएपी, यूरिया खाद की सप्लाई करवा दी है। जिला पंचायत सदस्य गुलशन चंद्राकर ने 5 जुलाई को समिति गोदाम का निरीक्षण किया था, तब किसानों ने जानकारी दी थी कि पिछले एक माह से डीएपी, यूरिया खाद की किल्लत से जूझ रहे हैं। जिसके बाद जिला पंचायत सदस्य गुलशन चंद्राकर ने बालोद में कृषि विभाग के उप संचालक कार्यालय में 10 जुलाई को प्रस्तावित समीक्षा बैठक का बहिष्कार कर चक्काजाम की चेतावनी दी थी। जिपं सदस्य गुलशन चंद्राकर ने बताया कि गुरुवार को विभाग की ओर से सुरेगांव व भालूकोन्हा समिति में खाद डंप करवा दिया है। हालांकि कई केंद्रों मंे अब तक खाद की किल्लत है। अफसरों ने चरणवार खाद सप्लाई का आश्वासन दिया है। बहरहाल खाद पहुंचने से किसानों को राहत मिली है। विभाग के अनुसार सुरेगांव व भालूकोन्हा में 25-25 टन डीएपी व 25-25 टन यूरिया खाद की सप्लाई की गई है। भंडारण के बाद खाद का वितरण चल रहा है। खरीफ सीजन: सेवा सहकारी और निजी में 29600 टन यूरिया भंडारण का रखा लक्ष्य सेवा सहकारी समिति व निजी केंद्रों दुकान में 77 हजार 307 टन खाद भंडारण का लक्ष्य रखा गया है। कृषि विभाग के अनुसार सहकारी समिति में 24 हजार 200 टन और निजी मंे 5 हजार 400, कुल 29 हजार 600 टन यूरिया भंडारण का लक्ष्य है। इसी तरह सहकारी समिति में 9 हजार 893 टन और निजी मंे 5 हजार 693, कुल 15 हजार 586 टन एसएसपी खाद, सहकारी समिति में 3 हजार 660 टन और निजी मंे 140, कुल 3 हजार 800 टन एमओपी, सहकारी समिति में 3 हजार 333 टन और निजी मंे 433, कुल 3 हजार 766 टन डीएपी, सहकारी में 16 हजार 735 टन और निजी मंे 7 हजार 820, कुल 24 हजार 555 टन खाद भंडारण का लक्ष्य है। किल्लत की वजह- सिर्फ जिले में 47 हजार 583 टन खाद का भंडारण किया जिले के सहकारी व निजी केंद्रों में 7 जुलाई तक की स्थिति मंे 47 हजार 583 टन खाद का भंडारण हो पाया था। जिसमें 40 हजार 184 टन का वितरण हो चुका था। कृषि विभाग के अनुसार 7 जुलाई की स्थिति में सहकारी व निजी केंद्रों में 18 हजार 282 टन यूरिया खाद का भंडारण हुआ था। इसी तरह 9 हजार 830 टन एसएसपी, 4 हजार 325 टन एमओपी, 4 हजार 867 टन डीएपी और 10 हजार 279 टन एनपीके खाद का भंडारण हुआ था। लक्ष्य से ज्यादा एमओपी, डीएपी खाद का भंडारण होने के बाद भी किल्लत की स्थिति है क्योंकि खपत अनुसार किसान ज्यादा मात्रा में खाद ले जा रहें है।

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