अब झुंझुनूं में नहीं होगी बिजली ट्रिपिंग:1 करोड़ की लागत से सुधरेगा सिस्टम, क्षमता 200 से बढ़कर होगी 360 MVA

शहर और आस-पास के ग्रामीणों के लिए आने वाली गर्मियां राहत भरी होने वाली हैं। डिस्कॉम ने सालों से चली आ रही बिजली ट्रिपिंग और ओवरलोडिंग की समस्या का स्थाई समाधान खोज लिया है। अब शहर की बिजली व्यवस्था को सीधे रतनगढ़-बबाई हाईटेंशन लाइन से जोड़ने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इस नए प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद शहरवासियों को अघोषित कटौती और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग से निजात मिल जाएगी। बिजली विभाग के अनुसार, लाइन खींचने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है और इसके अगले महीने तक पूरा होने की उम्मीद है। 15 फरवरी तक तकनीकी कार्यों को अंतिम रूप देकर झुंझुनूं को इस हाईटेंशन लाइन से जोड़ दिया जाएगा। इसके बाद शहर को मिलने वाली बिजली न केवल निर्बाध होगी, बल्कि वोल्टेज की समस्या भी काफी हद तक दूर हो जाएगी। ओवरलोडिंग का झंझट होगा खत्म वर्तमान में झुंझुनूं शहर की बिजली आपूर्ति टोलबूथ कुआं स्टैंड स्थित 220 KV जीएसएस (GSS) से हो रही है, जिसकी कुल क्षमता 200 MVA है। गर्मी के दिनों में जब एसी और कूलर का इस्तेमाल बढ़ता है, तो लोड बढ़ने के कारण सिस्टम जवाब दे जाता है और ट्रिपिंग शुरू हो जाती है। इस समस्या को देखते हुए डिस्कॉम ने रतनगढ़ से बबाई जा रही 400 KV डबल सर्किट लाइन को सिरियासर के पास से कुआं स्टैंड जीएसएस से जोड़ने का फैसला किया है। प्रोजेक्ट की मुख्य बातें बढ़ेगी क्षमता: नई लाइन जुड़ने के बाद सप्लाई क्षमता 200 MVA से सीधे 360 MVA हो जाएगी। लागत: करीब एक करोड़ रुपए के बजट से लगभग 2.5 किलोमीटर लंबी नई लाइन बिछाई जा रही है। इससे झुंझुनूं शहर और नजदीकी गांवों के 50 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को इसका सीधा फायदा मिलेगा। फरवरी के अंत तक शुरू होगी नई व्यवस्था एसई अजमेर डिस्कॉम महेश कुमार टीबड़ा ने बताया कि कुआं स्टैंड 220 KV जीएसएस को रतनगढ़-बबाई लाइन से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। 15 फरवरी तक यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा। इससे शहर की बिजली क्षमता में भारी इजाफा होगा और उपभोक्ताओं को ट्रिपिंग से राहत मिलेगी।

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