अब तक होती रही हेरोइन तस्करी:पाक से हथियार तस्करी खतरे की घंटी, दो-तीन दिन पहले ड्रोन ड्रॉपिंग की संभावना

पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये खाजूवाला बॉर्डर पर पहली बार हथियार तस्करी किए जाने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, बीएसएफ और इंटेलीजेंस के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली है। पूर्व में खाजूवाला बॉर्डर पर हेरोइन की तस्करी की जाती रही है। बीएसएफ और पुलिस ने करोड़ों रुपए की हेरोइन पकड़ी भी है। लेकिन, पहली बार ड्रोन के जरिये चीन निर्मित आधुनिक पिस्टल और कारतूस की तस्करी ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। बॉर्डर से दो किमी दूर 24 केएनडी में ड्रोन समेत पांच पिस्टल व 325 कारतूस मिलने को गंभीर माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि यह हथियार गैंगस्टर और हार्डकोर अपराधियों तक पहुंचने थे, जो पंजाब के हो सकते हैं। नहर किनारे जिस जगह ड्रोन और हथियार मिले हैं, वहां से श्रीगंगानगर होते हुए पंजाब पहुंचना आसान है। पाक तस्करों के हथियार भेजने से गैंगवार और अपराध बढ़ने की भी आशंका है। इसे देखते हुए बीकानेर रेंज के आईजी ओमप्रकाश, बीएसएफ के डीआईजी अजय लूथरा, एसपी कावेन्द्रसिंह सागर, श्रीगंगानगर सीआईडी जोन की एएसपी दीक्षा कामरा सहित आईबी और इंटेलीजेंस के लोग शुक्रवार को खाजूवाला पहुंचे और मौका मुआयना कर पूरे मामले की जानकारी ली। बाद में अधिकारी बीएसएफ की हिमगिरी पोस्ट पहुंचे और समन्वय बैठक की। इस दौरान बॉर्डर पर सतर्कता बढ़ाने और पूरी तरह चौकन्ना रहने के दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने खाजूवाला बॉर्डर के आसपास ईंट भट्टों की चिमनियों व अन्य निर्माण का भी जायजा लिया। इस दौरान सीओ खाजूवाला अमरजीत चावला, खाजूवाला थानाधिकारी प्रशिक्षु आरपीएस रोहित चौधरी, 140वीं बटालियन बीएसएफ के कमाडेंट बृजेश कुमार, बीएसएफ सामान्य शाखा के डिप्टी कमाडेंट महेशचंद्र जाट सहित अनेक अधिकारी मौजूद थे। बीकानेर रेंज में हेरोइन तस्करी
वर्ष-21 में बीकानेर जिले में खाजूवाला बॉर्डर पर करीब 300 करोड़ रुपए की 54 किलो हेरोइन पकड़ी गई जो पाइप के जरिये भारतीय सीमा में भेजी गई थी। बॉर्डर पर तारबंदी और बीएसएफ की मुस्तैदी के कारण पाक तस्करों ने ड्रोन को हेरोइन भेजने का जरिया बना लिया। रेंज कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष-16 में 0.072, 17 में 2.414, 18 में 0.414, 19 में 0.999, 20 में 10.137 और 21 में 60 किग्रा हेरोइन बरामद की गई। उसके बाद वर्ष, 22 में 27.186, 23 में 50.90, वर्ष 24 में 74.24 और वर्ष 25 में 33.226 किग्रा हेरोइन बरामद की गई है। ज्यादातर बीकानेर और श्रीगंगानगर में पाक बॉर्डर पर ही बरामद हुई है। ड्रोन ड्रॉपिंग दो-तीन दिन पहले होने की आशंका
सुरक्षा एजेंसियों की ओर से आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तान की ओर से ड्रोन ड्रॉपिंग दो-तीन पहले की हो सकती है। तकनीकी खराबी के कारण ड्रोन 24 केएनडी में गिर गया। इससे यह भी माना जा रहा है कि हथियार गिराए जाने की लोकेशन दूसरी जगह भी हो सकती है। डिलीवरी लेने वालों को ड्रोन गिरने की लोकेशन का पता नहीं चल पाया होगा। सुरक्षा एजेंसियां अब डिलीवरी लेने वालों और उनकी मदद करने वालों का पता लगाने में जुटी है।

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