आदतन अपराधी अब हर वक्त पुलिस की रडार पर रहेंगे। ऐसे हिस्ट्रीशीटरों और हार्डकोर बदमाशों पर नजर रखने के लिए जयपुर कमिश्ननेट का वेस्ट जिला पहली बार हिस्ट्रीशीट-हार्डकोर मॉनिटरिंग सेल बना रहा है। यह सेल जिले के आदतन अपराधियों के मूवमेंट, गिरफ्तारी, जमानत और उनके खिलाफ दर्ज केस के अनुसंधान की मॉनिटरिंग करेगी। कमान खुद डीसीपी के हाथ में होगी। सेल में डीसीपी के अलावा 5 टेक्निकल और अनुभवी अफसर रहेंगे, जो कानूनी धाराओं से लेकर अपराधियों की अवैध संपत्तियां कुर्क कराने तक का काम करेंगे। राजस्थान में पहली बार इस तरह की सेल का गठन किया जा रहा है। दिसंबर माह में डीसीपी वेस्ट ने 52 नए हिस्ट्रीशीटर चिह्नित किए थे, जो लूट, स्नैचिंग, चोरी, धोखाधड़ी, मारपीट, जमीनों पर कब्जे, मादक पदार्थों और शराब तस्करी जैसी वारदात को लगातार अंजाम दे रहे थे। इन बदमाशों पर 627 प्रकरण दर्ज हैं। मॉनिटरिंग सेल इन बदमाशों की आपराधिक कुंडली खंगालते हुए फरार अपराधियों को पकड़ने और फरारी में इनकी मदद करने वाले सहयोगियों को भी चिह्नित कर कार्रवाई करेगी। डीसीपी करेंगे निगरानी, बदमाशों को शरण देने वालों पर भी होगा एक्शन “हम हिस्ट्रीशीट-हार्डकोर मॉनिटरिंग सेल बना रहे हैं। वेस्ट जिले में कुल 315 हिस्ट्रीशीटर हैं। बाहर घूम रहे ऐसे आदतन अपराधी फिर से वारदात को अंजाम नहीं दें। इसके लिए इनकी निगरानी जरूरी है।”
-अमित कुमार, डीसीपी वेस्ट


