सरकार की ओर से पॉलिसी नहीं, सरकारी नौकरी लगने का सपना और दवा निर्माण यूनिटों की संख्या काफी कम होने के कारण फार्मेसी में डिप्लोमा एवं डिग्री कोर्स करने वाले छात्रों का मोहभंग होता जा रहा है। फार्मासिस्टों की भर्ती निकलती नहीं है। निकलती है तो भर्ती प्रक्रिया में सालों लग जाते हैं। राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की ओर से सत्र 2024-25 की काउंसलिंग के दौरान फार्मेसी में डिप्लोमा और डिग्री में 30 फीसदी सीटें खाली रह गई यानी 22,600 सीटों में से 6,580 सीटों पर प्रवेश नहीं होने से सवालिया निशान लग गया है। प्रदेश में वर्ष-2018 में डिप्लोमा इन फार्मेसी के 57 संस्थान थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 331 पहुंच गई है। ये दस बड़ी वजह जिस कारण फार्मेसी से दूर हो रहे छात्र


