राजीव तिवारी | चाकुलिया रेलवे की व्यवस्था को देखकर कभी-कभी फिल्मी डायलॉग याद आ जाते हैं। कुछ ऐसा ही वाकया बुधवार को चाकुलिया रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला, जब टाटा से खड़गपुर जाने वाली एक लोकल ट्रेन ‘कुंभ स्पेशल’ के नाम से स्टेशन पर पहुंची। हैरानी की बात यह है कि प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेले को समाप्त हुए तीन महीने से अधिक समय बीत चुका है, फिर भी ट्रेन की बोगियों पर अब तक ‘कुंभ स्पेशल’ लिखा हुआ है। इससे ट्रेन में चढ़ने वाले यात्रियों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। कई यात्रियों को यह सोचकर परेशानी हुई कि कहीं यह ट्रेन प्रयागराज न चली जाए! ट्रेन के बोगियों पर जब यात्रियों ने ‘कुंभ स्पेशल’ लिखा देखा, तो उनमें असमंजस फैल गया। लोगों को लगा कि यह कोई विशेष ट्रेन है और कहीं यह उनकी नियमित लोकल न हो। पूछताछ करने के बाद जब यह स्पष्ट हुआ कि यह वही लोकल ट्रेन है जो रोज चलती है, तब जाकर यात्रियों ने राहत की सांस ली और आगे की यात्रा जारी रखी। गौरतलब है कि प्रयागराज में इस वर्ष 13 जनवरी से 26 फरवरी तक महाकुंभ मेला आयोजित हुआ था, जहां संगम तट पर करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई थी। मेला समाप्त होने पर रेलवे द्वारा चलाई गई विशेष ट्रेनों को बंद कर दिया जाना चाहिए था, लेकिन लगता है रेलवे विभाग इस बात से अब तक अनजान है। रेलवे की इस लापरवाही पर कई यात्रियों ने प्रबंधन की सुस्ती पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि अगर ट्रेन नियमित रूप से चल रही है तो पुराने नाम और सूचना को अपडेट क्यों नहीं किया गया? इससे भ्रम की स्थिति बनती है, खासकर उन लोगों के लिए जो बाहर से यात्रा कर रहे होते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि रेलवे को चाहिए कि वह समय-समय पर अपनी ट्रेन सेवा और सूचनाओं को अपडेट करे, ताकि यात्रियों को भ्रमित न होना पड़े। साथ ही इससे रेलवे की कार्यप्रणाली की साख भी बनी रहे।


