पॉलिटिकल रिपोर्टर|रांची ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने अफसरों को निर्देश दिया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र एवं संतुलित विकास के लिए प्रत्येक प्रखंड को सशक्त एवं सक्षम बनाएं। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंचनाएं। यही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ग्रामीण विकास मंत्री ने बुधवार को ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में राज्य की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 15 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण तथा 10 करोड़ रुपए की लागत से पुल निर्माण के लिए बजट आवंटित किया गया है। लंबित कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश : मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित कार्यों का त्वरित निष्पादन करें। साथ ही साथ जिन कार्यों को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई हैं, उनकी जांच अगले दो महीनों में पूरी कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के लिए तत्काल टेंडर प्रक्रिया शुरू करने को भी कहा। ग्रामीण परिवारों को 100 दिन का रोजगार देने के लिए चलेगा अभियान बैठक के दौरान विभागीय कार्यों की समग्र समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं की स्थिति एवं जमीनी कार्यान्वयन की रिपोर्ट ली गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करें। बैठक में विशेष रूप से मनरेगा अंतर्गत संचालित योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। जिन पंचायतों में आवागमन की समस्या है, वहां मनरेगा के तहत मिट्टी-मोरम पथ के निर्माण पर विशेष ज़ोर देने के निर्देश दिए गए। अनुसूचित जाति एवं जनजाति बहुल क्षेत्रों में योजनाओं की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित करने के लिए दैनिक मांग अभियान चलाने का निर्णय लिया गया, जिससे कम-से-कम 1.5 से 2 लाख परिवारों को स्थायी आय का सहारा मिल सके।


