भास्कर न्यूज | हजारीबाग हजारीबाग में लावारिस शव का अंतिम संस्कार के लिए समिति का प्रारंभ में गठन करने वाली टीम मुर्दा कल्याण समिति अब मृत पालतू पशुओं के भी अंतिम संस्कार के लिए आगे आ गई है। यह टीम है मोहम्मद खालिद और और तापस चक्रवर्ती की। दोनों ने निर्णय लिया है कि अब किसी के घर पालतू पशुओं की मौत के बाद उन्हें कहीं लावारिस नहीं फेंका जाएगा। वे उनका नियम पूर्वक दफन करेंगे। मोहम्मद खालिद ने बताया कि अक्सर देखा जाता है कि कहीं घटना दुर्घटना में अगर कोई पालतू पशु सड़क पर मर गया तो वहीं वाहनों के टायर से कुचलता रहता है और लोग उसे नजर अंदाज करते हैं। आने वाले दिन में उनके लिए भी हमारी समिति काम करेगी। बताया कि पालतू पशु अगर किन्ही के घर मरता है तो उसके दफन के लिए आंशिक राशि वहन करना पड़ेगा। वह राशि होगी एंबुलेंस चालक का मेहनताना, पेट्रोल खर्च, दफन करने वाले कर्मी की मजदूरी शामिल होगी अर्थात कुल राशि ₹900 देना होगा। यह सुविधा तत्काल उन पशु पालकों को मिलेगा जिनके पशु के शव एंबुलेंस में रखे जा सकते हैं। मालूम हो कि पिछले तीन दशक से मुर्दा कल्याण समिति लावारिस शव, घटना दुर्घटना में घायल होने वालों को अस्पताल तक पहुंचाने के अलावा गरीब और लाचार घरों में किसी के निधन के बाद सहयोग के लिए निरंतर काम करता रहा है।


