भास्कर न्यूज | गढ़वा गुरुवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिनेश कुमार यादव की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक अमन कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश, पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रदीप कुमार, नगर परिषद व नगर पंचायत के पदाधिकारी, विधायक प्रतिनिधि सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे। उपायुक्त ने जिले में चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) पर आवश्यक तकनीकी सुधार, संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर व रोशनी की व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही स्कूली वाहनों की नियमित जांच, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग को लेकर सघन जांच अभियान चलाने पर भी बल दिया। उपायुक्त ने पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन 1033 को सतत क्रियाशील रखते हुए उसे बहुभाषी सहायता सेवा व टोल प्लाजा, एम्बुलेंस, गश्ती वाहन जैसी अन्य आपात सेवाओं से प्रभावी रूप से एकीकृत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने लोगों को आपातकालीन स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 112 अथवा 112 इंडिया ऐप के उपयोग के प्रति जागरूक करने की बात कही। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि गढ़वा बाईपास और भारतीय राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण के मुख्य जगहों पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एम्बुलेंस की व्यवस्था करें, विद्यालयों, कॉलेजों व आम नागरिकों के बीच यातायात नियमों को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाएं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शहरी क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी और यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने डीटीओ को यातायात टीम के साथ समन्वय बनाते हुए ई-पॉस मशीन व ब्रेथ एनालाइजर सहित उपकरण उपलब्ध करने की बात कही। साथ ही संबंधित थाना प्रभारी को नियमित रूप से वाहन चेकिंग करने एवं सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। तेज गति, बिना हेलमेट वाहन चलाना व नाबालिग चालकों द्वारा वाहन संचालन जैसे मामलों में मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। सड़क सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग के साथ-साथ आम नागरिकों की भी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।


