अभिभावक और स्कूल दोनों मिलकर बनाएं मजबूत पीढ़ी: शिल्पा

भास्कर न्यूज | अंबिकापुर कार्मल स्कूल में बुधवार को जीवन अनमोल है थीम पर बाल अधिकार संरक्षण, मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन, महिला उत्पीड़न निवारण, नशा विरोधी अभियान, बाल विवाह रोकथाम और मोबाइल के दुष्प्रभावों पर केंद्रित जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन विजन समाजसेवी संस्था ने किया, जिसका संयोजन संस्था की अधिवक्ता व समाजसेविका शिल्पा पांडे ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवक और वरिष्ठ साहित्यकार संतोष दास ने बच्चों के मानसिक विकास को वर्तमान समय की प्राथमिक जरूरत बताई। उन्होंने कहा बच्चों का सौ प्रतिशत अंक लाना जितना जरूरी नहीं है, उससे कहीं अधिक जरूरी है कि वे मानसिक रूप से इतने मजबूत बनें कि जीवन की हर परीक्षा का सामना साहसपूर्वक कर सकें। उन्होंने प्रेरक कविता कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती सहित कई रचनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों में ऊर्जा और आत्मविश्वास भरा। विजन समाजसेवी संस्था की निर्देशक व कार्यक्रम संयोजिका शिल्पा पांडे ने बताया कि उच्चतम न्यायालय ने 22 अक्टूबर 2025 को सभी शैक्षणिक संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन कार्यक्रम अनिवार्य करने के निर्देश दिए थे। इसी उद्देश्य के तहत संस्था निरंतर शिक्षकों और बच्चों के साथ संवाद कर रही है, ताकि तनावग्रस्त बच्चों को िफर सकारात्मक दिशा दी जा सके। उन्होंने छात्रों से अपील की है कि किसी भी तरह की मानसिक असुरक्षा महसूस होने पर वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में कार्मल स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर रोशनी ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित कर कहा कि कार्यशाला बच्चों के लिए अत्यंत उपयोगी रही और इसके संदेश लंबे समय तक उनके जीवन में मार्गदर्शन करेंगे। अध्यक्षता कर रहे जिला मिशन प्रबंधक सर्वजीत पाठक ने मानसिक स्वास्थ्य में घर के वातावरण को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि तनावपूर्ण पारिवारिक माहौल बच्चों को भीतर से कमजोर कर देता है, इसलिए अभिभावकों को भी बच्चों के मानसिक सशक्तीकरण में सहभागी बनना होगा। उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि पालकों के कम समय देने से बच्चों के संस्कार गढ़ने की जिम्मेदारी शिक्षकों पर आ रही है। कार्यक्रम में समाजसेविका अरुण सिंह के साथ विजन संस्था के सदस्य राजू यादव, सुरेखा पैकरा, परमानंद गुप्ता और पीजी कॉलेज के एनसीसी कैडेट मौजूद थे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *