अनूपपुर की पवित्र नगरी अमरकंटक में दो दिवसीय नर्मदा महोत्सव शनिवार को मां नर्मदा के उद्गम स्थल मंदिर से शोभायात्रा के साथ शुरू हुआ। इस दौरान ढोल-नगाड़ों, गुदुम की ताल और आतिशबाजी के बीच “जय मां नर्मदे” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। शोभायात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत, नगरवासी और स्कूली छात्र-छात्राएं शामिल हुए। नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने मां रेवा का भव्य पूजन-अर्चन किया और मिष्ठान व प्रसाद वितरित किया। माता के स्वागत में रथ पर पुष्पवर्षा की गई, वहीं घरों और चौराहों पर आकर्षक रंगोलियां सजाई गई थीं। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों, मुख्य बाजार और बस स्टैंड से होती हुई पुनः उद्गम स्थल मंदिर पहुंची। मंदिर पहुंचने के बाद 24 घंटे चलने वाले “ॐ नमो नर्मदा माई रेवा, पार्वती वल्लभ सदा शिवाय नर्मदा” कीर्तन का शुभारंभ हुआ। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और यातायात की पुख्ता व्यवस्था की गई थी। नोडल अधिकारी एवं एसडीएम वसीम अहमद बट ने सभी तैयारियों को पूर्ण बताया, जबकि एसडीओपी नवीन तिवारी और थाना प्रभारी लाल बहादुर तिवारी ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बताया। शोभायात्रा के बाद अखंड कीर्तन का आयोजन किया गया। शाम 4 बजे रामघाट उत्तर तट पर निर्झरणी महोत्सव, शाम 7 बजे महाआरती और रात्रि 8 बजे सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव के दूसरे दिन, रविवार को सुबह 11 बजे मां नर्मदा जन्मोत्सव पूजन होगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे कन्या पूजन और विशाल नगर भंडारा आयोजित किया जाएगा। शाम 6:45 बजे नर्मदा मंदिर प्रांगण में महाआरती और 7:15 बजे रामघाट पर महाआरती होगी। रात्रि 8 बजे रामघाट उत्तर तट पर सांस्कृतिक संध्या एवं विशेष प्रस्तुति का आयोजन किया जाएगा।


