शुभेंदु शुक्ला | अमृतसर पक्का ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनाने में 4 दिन पहले सामने आए फर्जीवाड़े की दैनिक भास्कर ने परतें खंगाली तो इसमें हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार अमृतसर के एजेंटों ने लुधियाना और फिरोजपुर के ऑपरेटरों से सेटिंग कर बिना ड्राइविंग टेस्ट दिलाए ही सैकड़ों आवेदकों को पास करवा लिया। फिर आरटीए सेक्रेटरी ने शक होने पर निगरानी टीम बनाई, जिसने करीब एक महीने की निगरानी के बाद पता लगाया कि 30 दिन में 1 हजार से अधिक ऐसे आवेदकों के टेस्ट में ऑनलाइन पास करवा लिया गया, जिन्होंने टेस्ट दिया ही नहीं। दैनिक भास्कर ने सैंपल के तहत 5 आवेदकों सीरियल नंबरों की जांच विभागीय सूत्रों से करवाई तो पाया कि इनमें से किसी ने भी लुधियाना या फिरोजपुर में ट्रेस्ट नहीं दिया, मगर इन्हीं पास दिखा दिया गया। इनमें आवेदन नंबर 910489723, 1201912524, 1334921224, 4801009623, 1861606723 शामिल हैं। इन आवेदकों के लाइसेंस पहले ही अप्रूव हो चुके हैं। इसी टाइमिंग पता कर कैमरा फुटेज से जांच में पुष्टि की जा सकती है। वहीं आरटीए सेक्रेटरी ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है।


