अमृतसर के भगतांवाला इलाके में अब पुराने कूड़े की सफाई शुरू हो गई है। यहां बायोरेमेडिएशन प्लांट लगाया लगाया जा रहा है, जिससे कूड़ा साफ कर दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत अमृतसर के मेयर जतिंदर सिंह मोती भाटिया ने मशीनों को हरी झंडी दिखाकर की। 45 करोड़ रुपए खर्च इस मौके पर अमृतसर साउथ से विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर और सेंट्रल से डॉ. अजय गुप्ता भी मौजूद थे। यह डंप पिछले कई दशकों से लोगों की परेशानी बना हुआ था। गर्मियों में यहां से जहरीली गैस निकलती थी और कई बार आग भी लग जाती थी। इसके कारण आस-पास के इलाकों में बीमारियां फैलती थीं। अब इस डंप से करीब 11 लाख टन कूड़ा हटाया जाएगा। सरकार इस प्रोजेक्ट पर लगभग 45 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, कूड़े से निकली मिट्टी, रेत और पत्थर का इस्तेमाल सड़क निर्माण में किया जाएगा। जबकि प्लास्टिक को रीसाइकल कर के RDF (Refuse Derived Fuel) बनाया जाएगा,जिसका उपयोग सीमेंट और थर्मल प्लांट्स में ईंधन के तौर पर होगा। दशकों से लोगों की परेशानी का हल मेयर जतिंदर सिंह ने कहा कि कूड़ा हटाना सिर्फ एक काम नहीं, बल्कि सरकार का वादा था। अब लोगों को जहरीली हवा, बदबू और बीमारियों से राहत मिलेगी। यह जमीन, जो अभी करीब 20 एकड़ में फैली है, साफ़ होने के बाद किसी जन-हित प्रोजेक्ट में इस्तेमाल की जाएगी। MLA इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा कि पिछली सरकारों ने सिर्फ वादे किए,लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी की सरकार ने काम शुरू किया है। इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा होने में करीब डेढ़ साल लगेगा और इस दौरान लगातार निगरानी की जाएगी।सरकार का लक्ष्य है कि 2026 के स्वच्छ भारत सर्वेक्षण में अमृतसर को देश के टॉप 10 सबसे साफ शहरों में शामिल किया जाए।


